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सहकारी बैंक की 34 शाखाओं में लटके ताले

Thu, 24 Nov 2016 11:51 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Thu, 24 Nov 2016 11:51 PM IST
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Cooperative Bank's 34 branches hanging locks
रायबरेली जिला सहकारी बैंक में प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों ने रिजर्व बैंक के पक्षपात पूर्ण रवैये पर एक दिनी हड़ताल कर विरोध जताया। जिले की 34 सहकारी बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे इस कारण कहीं भी कोई काम नहीं हुआ। इन सभी सहकारी बैंक की शाखाओं में करीब दो लाख खाताधारक है।
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हालांकि बैंक हड़ताल की सूचना पहले से ही दे दी गई थी इसके बाद भी इक्का दुक्का ग्राहक बैंकों में पहुंचे। कर्मचारी संगठनों के नेताओं का कहना है कि 25 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इस दिन देशभर के सहकारी बैंक बंद रहेंगे। 
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जिला सहकारी बैंक की राम कृपाल चौराहा स्थित मुख्य शाखा परिसर में गुरुवार को जिले भर से आए सहकारी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर हुई हुई सभा में कर्मचारी नेता महेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश भर में सहकारी बैंक की 1340 शाखाएं हैं।
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इनके  लगभग एक करोड़ खाताधारक हैं। जिले में भी 34 शाखाएं हैं । इनमें दो लाख ग्राहक हैं। प्रत्येक शाखा मेें एक दिन में अधिकतम तीन लाख रुपये तक का लेन-देन होता है। पुराने नोट बंदी के बाद से सहकारी बैंकों में कैश की समस्या आ रही है।

सहकारी समितियों में पुराने नोट न लेने से लाखों किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के गरीब किसानों का काम सहकारी बैंकों व समितियों के माध्यम से होता है। सहकारी बैंक ही किसानों की वित्तीय, खाद-बीज आदि की मदद करते हैं।

इसके बाद भी रिजर्व बैंक ने यहां की सेवाओं पर ब्रेक लगा दिया है। कर्मचारी नेता संतोष कुमार शुक्ला ने कहा कि रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंकों को पुराने नोट लेने का आदेश न देकर पक्षपात किया है। रबी सीजन में सहकारिता का काम चरम पर रहता है, ऐसे समय में पुराने नोट न लेने से बैंकों का काम प्रभावित हो रहा है।

इसका असर लंबे समय तक बना रहेगा। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक सहकारिता की रीढ़ हैं, इनकी कमर तोड़ने का काम रिजर्व ने किया है। रवींद्र सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक के खाता धारकों को अमान्य हो चुके पुराने नोट अपने खाते में जमा करने का विधिक अधिकार है।


जिला सहकारी बैंक को भी रिजर्व बैंक से बैंकिग का लाइसेंस हासिल है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से सहकारिता व सहकारी बैंकों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। बैंक कर्मचारियों ने सहकारी बैंक को भी पुराने नोट खाते में जमा करने की मांग से संबंधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा है। इस मौके पर प्रदीप सिंह, शैलेंद्र तिवारी, चंदन भारती, शन्नों श्रीवास्तव, मजगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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