फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Congress looking for future with new faces

नए चेहरों संग भविष्य तलाश रही कांग्रेस

Wed, 09 Feb 2022 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Feb 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Congress looking for future with new faces
रायबरेली। अपने ही गढ़ में कांग्रेस को साख बचाने और उम्मीदवारों को जिताने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। दिग्गज कांग्रेसियों के किनारा कर लेने से उम्मीदवारों का संकट खड़ा हुआ, तो दूसरे दलों से आने वाले लोगों ने कांग्रेस की राह आसान की। जिले की सभी छह सीटों पर कांग्रेस ने जातीय समीकरण साधते हुए नए चेहरों को उतारा है।
विज्ञापन

कांग्रेस इन्हीं के संग अपना भविष्य तलाश रही है। अब नतीजे बताएंगे कि ये महारथी कांग्रेस की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।
सदर विधानसभा सीट से 2017 में कांग्रेस ने बाहुबली विधायक अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा और जिताया।
इनके दल बदलकर भाजपा में चले जाने से कांग्रेस के सामने उम्मीदवार का संकट रहा। दावेदार तो कई थे, लेकिन कांग्रेस पूर्व सांसद अशोक सिंह के बेटे मनीष या फिर उनकी पत्नी को उतारना चाह रही थी, लेकिन अदिति और मनीष का पारिवारिक मामला होने के कारण शायद बात नहीं बनी। ऐन मौके पर कांग्रेस ने नए चेहरे और पेशे से डॉ. मनीष चौहान को टिकट देकर सबको चौंका दिया। मनीष पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।
विज्ञापन

हरचंदपुर सीट से कांग्रेस को प्रत्याशी तलाशने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कांग्रेस की तलाश तब पूरी हुई, जब सपा के प्रमुख दावेदार सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह का टिकट कटा और उन्होंने कांग्रेस की शरण ली। कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताते हुए उनकी मुराद पूरी कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऊंचाहार सीट पर वरिष्ठ कांग्रेसी कुंवर हर नारायण सिंह के बेटे पूर्व विधायक अजयपाल सिंह ने भी इस बार चुनाव लड़ने में रुचि नहीं दिखाई और उधर कई साल से क्षेत्र में सक्रिय रहे अतुल सिंह का भाजपा से टिकट कट गया। इस वजह से प्रत्याशी की तलाश में जुटी कांग्रेस की मुराद यहां भी पूरी हो गई।
अतुल सिंह पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। सरेनी सीट पर भी कांग्रेस का कमोवेश यही हाल रहा। पूर्व विधायक अशोक सिंह ने ऐन मौके पर चुनाव लड़ने से हाथ खड़े कर दिए तो कांग्रेस ने विकल्प तलाशना शुरू किया।
उधर, सुधा द्विवेदी भाजपा से टिकट मांग रही थीं। नहीं मिला तो कांग्रेस की शरण में आ गई। कांग्रेस ने निराश नहीं किया और टिकट थमाकर उन्हें मैदान में उतार दिया। सुधा पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रही हैं।
इसी तरह बछरावां सुरक्षित सीट से कांग्रेस ने सुशील पासी और सलोन सुरक्षित से अर्जुन पासी को मैदान में उतारा है। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस ने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। सबसे पहले कांग्रेस ने इन्हीं दो उम्मीदवारों की घोषणा की थी।

सलोन से अर्जुन पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि बछरावां से सुशील पासी कई बार चुनाव लड़े, लेकिन जीत का स्वाद नहीं चख पाए। अब ये नए चेहरे कांग्रेस को कितना सुकून दे पाएंगे, यह 10 मार्च को आने वाला परिणाम ही बताएगा। बहरहाल अपना गढ़ बचाना कांग्रेस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed