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कभी भी ढह सकती है राजकीय कॉलोनी, लोक निर्माण विभाग ने किया अलर्ट
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रायबरेली। लोकनिर्माण विभाग की राजकीय कॉलोनी की छतों का प्लास्टर आए दिन टूटकर गिर रहा है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने आवासों में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क कर दिया है। नोटिस देकर आवासों को खाली करने की चेतावनी भी दी है। इसके बावजूद लोग आवासों को खाली नहीं कर रहे हैं।
राजकीय कॉलोनी में हर तरह की श्रेणी के 531 आवास हैं। जिनकी सीमा पूरी हो चुकी है। इन आवासों की छतें ईंटों की बनी हैं। जिसकी आयु 40 साल ही होती है। नियमानुसार 20 साल पहले ही इनकी छतें तोड़कर नई छत डालनी चाहिए, लेकिन बजट के अभाव में ऐसा नहीं हो सका।
अब आए दिन छतों का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। लोकनिर्माण विभाग ने आवासों में रहने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास खाली करने की चेतावनी दे चुका है, लेकिन अभी भी लोग रह रहे हैं।
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खस्ताहाल 20 आवासों का होगा निर्माण
राजकीय कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों के उन 20 आवासों को चिह्नित किया गया है। जिनकी हालत दयनीय है। इनके निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। बजट मिलने के बाद इन आवासों का निर्माण कराया जाएगा। एक साल पहले यहां तैनात रहे सीडीओ के आवास का पोर्टिको ढहने से कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं।
अन्य आवासों की कराया जा रहा सत्यापन
राजकीय कॉलोनी के आवासों की छतें तो पूरी तरह जर्जर हो गई है। बरसात में पानी टपकता है। आवासों में रह रहे लोगों को नोटिस भेजकर खाली करने के लिए कहा गया है। इन आवासों की छतों और जरूरत पड़ी तो दीवारों को तोड़कर मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है। जल्द ही अन्य आवासों का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
- राजेश कुमार, सहायक अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड
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राजकीय कॉलोनी में हर तरह की श्रेणी के 531 आवास हैं। जिनकी सीमा पूरी हो चुकी है। इन आवासों की छतें ईंटों की बनी हैं। जिसकी आयु 40 साल ही होती है। नियमानुसार 20 साल पहले ही इनकी छतें तोड़कर नई छत डालनी चाहिए, लेकिन बजट के अभाव में ऐसा नहीं हो सका।
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अब आए दिन छतों का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। लोकनिर्माण विभाग ने आवासों में रहने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास खाली करने की चेतावनी दे चुका है, लेकिन अभी भी लोग रह रहे हैं।
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खस्ताहाल 20 आवासों का होगा निर्माण
राजकीय कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों के उन 20 आवासों को चिह्नित किया गया है। जिनकी हालत दयनीय है। इनके निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। बजट मिलने के बाद इन आवासों का निर्माण कराया जाएगा। एक साल पहले यहां तैनात रहे सीडीओ के आवास का पोर्टिको ढहने से कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं।
अन्य आवासों की कराया जा रहा सत्यापन
राजकीय कॉलोनी के आवासों की छतें तो पूरी तरह जर्जर हो गई है। बरसात में पानी टपकता है। आवासों में रह रहे लोगों को नोटिस भेजकर खाली करने के लिए कहा गया है। इन आवासों की छतों और जरूरत पड़ी तो दीवारों को तोड़कर मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है। जल्द ही अन्य आवासों का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
- राजेश कुमार, सहायक अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड