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मौसम बदलने से अन्नदाताओं में जागी उम्मीद
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:36 PM IST
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ठंड कम पड़ने से रबी की फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा था। लेकिन शुक्रवार को अचानक मौसम के बदले मिजाज ने किसानों में अच्छी फसल की उम्मीद जगा दी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा मौसम एक माह रहे तो न सिर्फ फसलों में रौनक आ जाएगी, बल्कि उत्पादन भी बढ़ जाएगा।
जिले में इस बार 1,68,342 हेक्टेयर में गेहूं, 5,614 हेक्टेयर में चना, 2,387 हेक्टेयर में मटर, 2,595 हेक्टेयर में जौ और 142 हेक्टेयर में मक्के की फसल बोई गई है।
रबी की फसलों को ज्यादा सिंचाई नहीं, बल्कि सिर्फ नमी की जरूरत होती है। पर इस बार मौसम ठंडा नहीं रहा। जिसका असर रबी की फसल पर दिख रहा है।
खासकर गेहूं और चने की फसल में रौनक नहीं दिख रही है। पौधों को विकास थम सा गया है। इधर, शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला तो किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई।
कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा ही मौसम यदि एक माह तक रह जाए तो रबी की फसल के लिए सोने में सुहागा साबित हो सकता है। इससे फसल उत्पादन बढ़ना तय है।
बर्बाद हो रही फसलों से चिंतित किसानों में चेहरों पर सर्दी बढ़ने से फिर एक बार उम्मीद की किरण जाग उठी है। राही ब्लॉक क्षेत्र के मटिहा के किसान ओम प्रकाश यादव, गुरुबक्शगंज के उमाकांत, जगतपुर के रामेश्वर और जग्गेलाल का कहना है कि पिछले कई दिन से सर्दी नहीं पड़ी, इससे फसल कमजोर हो गई है।
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ऐसे ही मौसम रहा तो फसल सुधर सकती है। हल्की बारिश की जरूरत है। बरसात हुई तो फसलों में रौनक लौट आएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया ने कहा कि सर्दी में हल्की बारिश व कोहरा गेहूं, चना, मटर, मक्का और जौ की फसलों के लिए लाभदायक होती है।
इन फसलों के लिए दिन में 18 से 20 डिग्री तापमान होना चाहिए। सर्दी तो कुछ बढ़ी है, लेकिन हल्की बारिश हो जाए तो फसलों में जान आ जाएगी। किसानों की कई मुश्किलें आसान हो जाएंगी। उन्हें सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। एक माह मौसम इसी तरह रह जाए तो निश्चित तौर से इसका फायदा किसानों को मिलेगा।
प्रभारी उप कृषि निदेशक सतीश पांडेय ने कहा कि रबी की फसल के लिए अधिक सर्दी की जरूरत रहती है। इस बार ठंड कम पड़ रही थी, जिसका असर गेहूं, चना आदि की फसलों पर दिख रहा है।
धूप निकलने पर खेत की नमी कम हो जाती है। जिससे किसानों को अधिक बार फसलों की सिंचाई करनी पड़ती है। बदला मौसम का मिजाज रबी की फसल के लिए फायदेमंद है।
कम से कम एक माह तक मौसम इसी रह रहे तो रबी की फसल अच्छी हो सकती है। साथ ही बारिश हो जाए तो और सोने में सुहागा हो जाए।
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कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा मौसम एक माह रहे तो न सिर्फ फसलों में रौनक आ जाएगी, बल्कि उत्पादन भी बढ़ जाएगा।
जिले में इस बार 1,68,342 हेक्टेयर में गेहूं, 5,614 हेक्टेयर में चना, 2,387 हेक्टेयर में मटर, 2,595 हेक्टेयर में जौ और 142 हेक्टेयर में मक्के की फसल बोई गई है।
रबी की फसलों को ज्यादा सिंचाई नहीं, बल्कि सिर्फ नमी की जरूरत होती है। पर इस बार मौसम ठंडा नहीं रहा। जिसका असर रबी की फसल पर दिख रहा है।
खासकर गेहूं और चने की फसल में रौनक नहीं दिख रही है। पौधों को विकास थम सा गया है। इधर, शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला तो किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई।
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कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा ही मौसम यदि एक माह तक रह जाए तो रबी की फसल के लिए सोने में सुहागा साबित हो सकता है। इससे फसल उत्पादन बढ़ना तय है।
बर्बाद हो रही फसलों से चिंतित किसानों में चेहरों पर सर्दी बढ़ने से फिर एक बार उम्मीद की किरण जाग उठी है। राही ब्लॉक क्षेत्र के मटिहा के किसान ओम प्रकाश यादव, गुरुबक्शगंज के उमाकांत, जगतपुर के रामेश्वर और जग्गेलाल का कहना है कि पिछले कई दिन से सर्दी नहीं पड़ी, इससे फसल कमजोर हो गई है।
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ऐसे ही मौसम रहा तो फसल सुधर सकती है। हल्की बारिश की जरूरत है। बरसात हुई तो फसलों में रौनक लौट आएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया ने कहा कि सर्दी में हल्की बारिश व कोहरा गेहूं, चना, मटर, मक्का और जौ की फसलों के लिए लाभदायक होती है।
इन फसलों के लिए दिन में 18 से 20 डिग्री तापमान होना चाहिए। सर्दी तो कुछ बढ़ी है, लेकिन हल्की बारिश हो जाए तो फसलों में जान आ जाएगी। किसानों की कई मुश्किलें आसान हो जाएंगी। उन्हें सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। एक माह मौसम इसी तरह रह जाए तो निश्चित तौर से इसका फायदा किसानों को मिलेगा।
प्रभारी उप कृषि निदेशक सतीश पांडेय ने कहा कि रबी की फसल के लिए अधिक सर्दी की जरूरत रहती है। इस बार ठंड कम पड़ रही थी, जिसका असर गेहूं, चना आदि की फसलों पर दिख रहा है।
धूप निकलने पर खेत की नमी कम हो जाती है। जिससे किसानों को अधिक बार फसलों की सिंचाई करनी पड़ती है। बदला मौसम का मिजाज रबी की फसल के लिए फायदेमंद है।
कम से कम एक माह तक मौसम इसी रह रहे तो रबी की फसल अच्छी हो सकती है। साथ ही बारिश हो जाए तो और सोने में सुहागा हो जाए।