फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   cattle battling for life and death

नसीब नहीं हो रहा हरा चारा, न समय से होता इलाज, जिंदगी मौत से जूझ रहे मवेशी

Wed, 24 Nov 2021 12:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 12:27 AM IST
विज्ञापन
cattle battling for life and death
गदागंज (रायबरेली)। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के हमीरमऊ गांव में बनी गोशाला में अव्यवस्थाएं हावी हैं। मवेशियों को न तो हरा चारा मिल रहा है न ही समय से इलाज हो पा रहा है। इससे में कई मवेशी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इनकी देखरेख के लिए छह कर्मचारी रखे गए हैं। उन्हें भी समय से मानदेय नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

सर्दी शुरू हो गई, लेकिन मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। मवेशी गंदगी के बीच बांधे जा रहे हैं। इससे उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है।
विज्ञापन

गोशाला में 150 मवेशी रखे जाने की क्षमता है, लेकिन मौजूदा समय में 170 मवेशी हैं। मवेशियों को केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है। हरे चारे की व्यवस्था काफी दिनों से नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कीचड़ और गंदगी के बीच मवेशी रखे गए हैं। कुछ मवेशी जमीन पर पड़े कराह रहे हैं। देखरेख में लगे छह कर्मचारियों को दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। मवेशियों इलाज के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है। कई मवेशी बीमारी के कारण बेहद दुबले हो गए हैं।

चौकीदार राकेश सिंह के अलावा रामबरन पाल, शांती देवी, पवन कुमार पाल, तेजभान, रामबहादुर ने बताया कि दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। गोशाला में भूसा है, उसे मवेशियों को खिलाया जा रहा है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि समय-समय पर मवेशियों का चेकअप करके इलाज किया जाता है।
उधर, बीडीओ हरिश्चंद्र गुप्ता ने बताया कि गोशाला जिला पंचायत की है। रखरखाव किया जा रहा है। सर्दी से बचाने के लिए जिला पंचायत को पत्र लिखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed