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नहर में पानी न आने से फूटा किसानों का गुस्सा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2016 12:07 AM IST
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महराजगंज तहसील क्षेत्र में मंगलवार को सलेथू नहर में पानी न आने के कारण किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। महराजगंज-बछरावां मार्ग पर तख्त रखकर मार्ग जाम कर दिया और वहीं पर धरने पर बैठ गए।
इस दौरान नारेबाजी के साथ विभागीय अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे अफसरों के साथ किसानों की तीखी तकरार भी हुई। करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
इससे लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। एसडीएम-सीओ के समझाने पर किसान शांत हुए। महराजगंज तहसील क्षेत्र से निकली सलेथू नहर से करीब पांच हजार किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
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इधर नहर में पानी न आने के कारण गेहूं की फसल सूख रही है। इसको लेकर किसानों ने सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन के अफसरों से गुहार लगाई थी।
अफसरों ने एक पखवारे के भीतर नहर में पानी छोड़ दिए जाने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंगलवार को किसानों का धैर्य जवाब दे दिया।
सलेथू गांव के ग्राम प्रधान जय प्रकाश साहू, राम प्रकाश साहू, उमाकांत तिवारी व रानू तिवारी की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसानों ने महराजगंज-बछरावां मार्ग के बीचोबीच कई तख्त रखकर मार्ग जाम कर दिया।
किसान धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इससे दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। वाहनों की कतारें लग गई।
इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम महराजगंज मोतीलाल यादव, सीओ सत्यपाल सिंह व तहसीलदार रामशंकर वर्मा मौके पर पहुंचे। अफसरों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया तो उनसे भी तकरार की।
हालांकि बाद में सीओ और एसडीएम के इस आश्वासन पर कि जल्द नहर में पानी छोड़ा जाएगा किसानों ने मार्ग खोल दिया। जाम के कारण दो घंटे तक आवागमन ठप रहा। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बरहुआ गांव के किसान जुगुन तिवारी, सुल्तानपुर के संतलाल लोधी, घुरौना के सुरेश शुक्ला, सलेथू के दीपू पांडेय का कहना है कि धूप तेज निकल रही है। इससे गेहूं की फसल सूख रही है, लेकिन अफसरों का दर्द उन्हें नहीं दिख रहा है।
यही हाल रहा तो गेहूं की फसल सूख जाएगी। हर बार किसानों से नहर में पानी छुड़वाए जाने की बात कही जाती तो आश्वासन देकर टरका दिया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होता। जल्द नहर में पानी नहीं आया तो डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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इस दौरान नारेबाजी के साथ विभागीय अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे अफसरों के साथ किसानों की तीखी तकरार भी हुई। करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
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इससे लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। एसडीएम-सीओ के समझाने पर किसान शांत हुए। महराजगंज तहसील क्षेत्र से निकली सलेथू नहर से करीब पांच हजार किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
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इधर नहर में पानी न आने के कारण गेहूं की फसल सूख रही है। इसको लेकर किसानों ने सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन के अफसरों से गुहार लगाई थी।
अफसरों ने एक पखवारे के भीतर नहर में पानी छोड़ दिए जाने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंगलवार को किसानों का धैर्य जवाब दे दिया।
सलेथू गांव के ग्राम प्रधान जय प्रकाश साहू, राम प्रकाश साहू, उमाकांत तिवारी व रानू तिवारी की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसानों ने महराजगंज-बछरावां मार्ग के बीचोबीच कई तख्त रखकर मार्ग जाम कर दिया।
किसान धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इससे दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। वाहनों की कतारें लग गई।
इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम महराजगंज मोतीलाल यादव, सीओ सत्यपाल सिंह व तहसीलदार रामशंकर वर्मा मौके पर पहुंचे। अफसरों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया तो उनसे भी तकरार की।
हालांकि बाद में सीओ और एसडीएम के इस आश्वासन पर कि जल्द नहर में पानी छोड़ा जाएगा किसानों ने मार्ग खोल दिया। जाम के कारण दो घंटे तक आवागमन ठप रहा। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बरहुआ गांव के किसान जुगुन तिवारी, सुल्तानपुर के संतलाल लोधी, घुरौना के सुरेश शुक्ला, सलेथू के दीपू पांडेय का कहना है कि धूप तेज निकल रही है। इससे गेहूं की फसल सूख रही है, लेकिन अफसरों का दर्द उन्हें नहीं दिख रहा है।
यही हाल रहा तो गेहूं की फसल सूख जाएगी। हर बार किसानों से नहर में पानी छुड़वाए जाने की बात कही जाती तो आश्वासन देकर टरका दिया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होता। जल्द नहर में पानी नहीं आया तो डीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा।