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पर्यावरण बचाने के लिए शुरू की मुहिम, लगाएंगे दो करोड़ पौधे

Sun, 06 Mar 2022 10:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 10:41 PM IST
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Campaign started to save environment, will plant two crore saplings
लालगंज (रायबरेली)। अंधाधुंध हो रही पेड़ों की कटान और बढ़ते कंकरीट के जंगलों से पर्यावरण असंतुलन बढ़ रहा है। इसका सीधा असर मानव जाति पर पड़ रहा है।
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पर्यावरण को बचाने के लिए युवा समाजसेवी नवनीत पांडेय पर्यावरण को बचाने की मुहिम चला रहे हैं। उन्होंने निजी स्रोतों से 2 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। खास बात यह है कि पौधे लगाने के साथ ही वह उनका संरक्षण और रखरखाव भी करेंगे।
रायबरेली के जोगापुर बरिगांव निवासी पर्यावरणप्रेमी नवनीत पांडेय का कहना है कि शहरों का विस्तार हो रहा है। इसके लिए लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं।
कंकरीट के जंगल खड़े हो रहे हैं। इससे प्रदूषण भी बढ़ रहा है। इसका बड़ा उदाहरण एनसीआर का क्षेत्र है। जहां सर्दियों में प्रदूषण परेशान करता है। पेड़ों के कटने से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है।
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यह मानव जाति के लिए बड़ा खतरा है। इसको देखते हुए उन्होंने पौधरोपण करने का फैसला लिया। अभी दो करोड़ पौधे लगाने की मुहिम में जुटे हैं। खास बात यह है कि वह इन पौधों की देखभाल भी करते हैं ताकि पौधे बड़े हो सकें। इससे उनका मकसद भी पूरा हो सकेगा।
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सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर लगाते हैं पौधे
पर्यावरणविद नवनीत पांडेय ने हिसार मिलिट्री स्टेशन, बीएसएफ के साथ उड़ीसा, दक्षिण बंगाल, हजारीबाग, राजअरहट, टैगोर विला, एनडीआरएफ पश्चिम बंगाल, सीआरपीएफ साल्ट लेक पश्चिम बंगाल, एसोसिएशन ऑफ मरीन इलेक्ट्रोटेक्निकल ऑफिसर, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, बिरला हाई स्कूल वेस्ट बंगाल, स्पंदन एकेडमी पश्चिम बंगाल, यंग बॉयज क्लब, यूथ खालसा क्लब व पंजाब स्पोर्ट्स क्लब पश्चिम बंगाल के साथ पौधरोपण अभियान चला चुके हैं। यह अभियान उनका जारी है।
अपने क्षेत्र में भी हरियाली बढ़ाएंगे
नवनीत पांडेय ने बताया कि रायबरेली उनका गांव है। यहां पर सबसे अधिक काम करेंगे। यहां कई जगहों पर जलस्तर बहुत नीचे चले के कारण इसे डार्क जोन घोषित किया गया है। इससे धरती को बचाने के लिए एकमात्र उपाया है पौधे लगाना और वाटर हार्वेस्टिंग के लिए लोगों को जागरूक करना। इस काम के लिए वह मुकम्मल योजना बना रहे हैं। जिस पर जल्द हीकाम शुरू करेंगे।
कई अवार्ड मिल चुके हैं
पर्यावरण के प्रति उनके काम को देखते हुए उन्हें भारत गौरव अवार्ड मिला है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने उन्हें सम्मानित किया है। इसके अलावा उनको दर्जनों अवार्ड मिल चुके हैं।

नवनीत बताते हैं कि इस अभियान की शुरुआत में उन्हें कई तरह की दिक्कतों से गुजरना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने अभियान पर आगे बढ़ गए। पौधरोपण अभियान के अनुभव को बताते कहा कि शुरू में लोग उन्हें माली कहकर पुकारते थे। जब भी वह पेड़ लगाने जाते थे तो लोग माली कहते थे। लोग यह भी कहने लगे कि उन्हें राजनीति में आना है, इसलिए पेड़ पौधे लगा रहे हैं। लेकिन उनका मकसद राजनीति में आना नहीं था, बल्कि हरियाली बढ़ाना है।
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