{"_id":"60d60bbd8ebc3e32a7166a05","slug":"bridge-raibaraily-news-lko584129218","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरएस के ट्रैक के निरीक्षण की खबर मिलते ही पटरी पर जमा हो गए ग्रामीण, ग्रामसभा में अंडरपास बनवाने का मिला आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआरएस के ट्रैक के निरीक्षण की खबर मिलते ही पटरी पर जमा हो गए ग्रामीण, ग्रामसभा में अंडरपास बनवाने का मिला आश्वासन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर अमेठी जिले के किशुनपुर केवई ग्रामसभा में अंडरपास बनवाया जाएगा तो कासिमपुर हाल्ट पर फुट-ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण होगा।
इस बात का आश्वासन शुक्रवार को जायस-रूपामऊ रेल खंड के निरीक्षण पर आए मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने दिया। निरीक्षण के दौरान लोगों ने समस्याएं बताईं तो सीआरएस ने इसे गंभीरता से लिया।
आरवीएनएल के अधिकारियों से जवाब भी तलब किया। समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। सीआरएस ने कहा कि दोनों जगह नया काम होना है, इसलिए करीब एक साल का समय लग सकता है। समस्या हर हाल में दूर होगी। थोड़ा इंतजार करें, एक साल बाद किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
सीआरएस को रोकने के लिए ट्रैक पर खड़े हो गए ग्रामीण
फुरसतगंज। जायस से रूपामऊ की तरफ ट्रॉली से निरीक्षण करते हुए जा रहे सीआरएस के काफिले को बहादुरपुर विकास क्षेत्र की ग्रामसभा किशुनपुर केवई के ग्रामीणों ने रोक लिया।
इस ग्रामसभा के तीन पुरवों के ग्रामीण कई वर्षों से आवागमन को लेकर परेशान हैं। पहले यहां मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग थी, जिसे दोहरीकरण और विद्युतीकरण के चलते बंद कर दिया गया।
आवागमन के लिए रास्ता नहीं दिया गया। इससे ग्रामीणों को करीब आठ किमी. की ज्यादा दूरी तय कर दूसरी तरफ जाना पड़ता है। ग्रामीण कई वर्षों से अंडरपास की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसीलिए इन गांवों के करीब 150 ग्रामीण सीआरएस के निरीक्षण के दौरान ट्रैक पर खड़े हो गए।
सीआरएस ने ग्रामीणों की समस्या सुनी। उन्होंने मातहतों को फटकार लगाई और कहा कि इस काम के लिए हमारे आदेश की क्या जरूरत थी। इसे पहले ही करा सकते थे। सीआरएस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक साल में समस्या का निस्तारण हो जाएगा। इस मौके पर विजय बहादुर, अखिलेश पटेल, रामदेव, लवकुश, देवीदीन, कालीचरण आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
पुल नहीं तो जिंदगी खतरे में डालने को मजबूर यात्री
जायस। निरीक्षण शुरू करते ही जायस रेलवे स्टेशन पर पास के कासिमपुर हाल्ट की समस्या उठाई गई। यह हाल्ट बनी और जायस स्टेशनों के बीच स्थित है, जिसका दोहरीकरण पहले ही कराया जा चुका है।
जायस-रूपामऊ रेल खंड के दोहरीकरण का निरीक्षण करने आए सीआरएस को जब कासिमपुर हाल्ट पर फुट-ओवरब्रिज न होने की समस्या बताई गई तो उन्होंने रेल विकास निगम लिमिटेड के अफसरों को फटकार लगाई।
उन्होंने आरवीएनएल के अफसरों से कहा कि काम तो आप लोगों ने ही कराया है, तो फिर कासिमपुर हाल्ट में फुट-ओवरब्रिज क्यों छोड़ दिया गया। यात्रियों ने बताया कि कासिमपुर हाल्ट पर दो प्लेटफार्म बने हैं।
प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर जाने के लिए यात्रियों को जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करना पड़ता है। फुट-ओवरब्रिज बनवाया जाना जरूरी है। सीआरएस ने कहा कि वर्क सेंक्शन और टेंडर में करीब पांच महीने का समय लगेगा, फिर निर्माण कार्य में आठ महीने लग सकते हैं। उन्होंने एक साल में फुट-ओवरब्रिज बनवाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
इस बात का आश्वासन शुक्रवार को जायस-रूपामऊ रेल खंड के निरीक्षण पर आए मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने दिया। निरीक्षण के दौरान लोगों ने समस्याएं बताईं तो सीआरएस ने इसे गंभीरता से लिया।
विज्ञापन
आरवीएनएल के अधिकारियों से जवाब भी तलब किया। समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। सीआरएस ने कहा कि दोनों जगह नया काम होना है, इसलिए करीब एक साल का समय लग सकता है। समस्या हर हाल में दूर होगी। थोड़ा इंतजार करें, एक साल बाद किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
सीआरएस को रोकने के लिए ट्रैक पर खड़े हो गए ग्रामीण
फुरसतगंज। जायस से रूपामऊ की तरफ ट्रॉली से निरीक्षण करते हुए जा रहे सीआरएस के काफिले को बहादुरपुर विकास क्षेत्र की ग्रामसभा किशुनपुर केवई के ग्रामीणों ने रोक लिया।
इस ग्रामसभा के तीन पुरवों के ग्रामीण कई वर्षों से आवागमन को लेकर परेशान हैं। पहले यहां मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग थी, जिसे दोहरीकरण और विद्युतीकरण के चलते बंद कर दिया गया।
आवागमन के लिए रास्ता नहीं दिया गया। इससे ग्रामीणों को करीब आठ किमी. की ज्यादा दूरी तय कर दूसरी तरफ जाना पड़ता है। ग्रामीण कई वर्षों से अंडरपास की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसीलिए इन गांवों के करीब 150 ग्रामीण सीआरएस के निरीक्षण के दौरान ट्रैक पर खड़े हो गए।
सीआरएस ने ग्रामीणों की समस्या सुनी। उन्होंने मातहतों को फटकार लगाई और कहा कि इस काम के लिए हमारे आदेश की क्या जरूरत थी। इसे पहले ही करा सकते थे। सीआरएस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक साल में समस्या का निस्तारण हो जाएगा। इस मौके पर विजय बहादुर, अखिलेश पटेल, रामदेव, लवकुश, देवीदीन, कालीचरण आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
पुल नहीं तो जिंदगी खतरे में डालने को मजबूर यात्री
जायस। निरीक्षण शुरू करते ही जायस रेलवे स्टेशन पर पास के कासिमपुर हाल्ट की समस्या उठाई गई। यह हाल्ट बनी और जायस स्टेशनों के बीच स्थित है, जिसका दोहरीकरण पहले ही कराया जा चुका है।
जायस-रूपामऊ रेल खंड के दोहरीकरण का निरीक्षण करने आए सीआरएस को जब कासिमपुर हाल्ट पर फुट-ओवरब्रिज न होने की समस्या बताई गई तो उन्होंने रेल विकास निगम लिमिटेड के अफसरों को फटकार लगाई।
उन्होंने आरवीएनएल के अफसरों से कहा कि काम तो आप लोगों ने ही कराया है, तो फिर कासिमपुर हाल्ट में फुट-ओवरब्रिज क्यों छोड़ दिया गया। यात्रियों ने बताया कि कासिमपुर हाल्ट पर दो प्लेटफार्म बने हैं।
प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर जाने के लिए यात्रियों को जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करना पड़ता है। फुट-ओवरब्रिज बनवाया जाना जरूरी है। सीआरएस ने कहा कि वर्क सेंक्शन और टेंडर में करीब पांच महीने का समय लगेगा, फिर निर्माण कार्य में आठ महीने लग सकते हैं। उन्होंने एक साल में फुट-ओवरब्रिज बनवाने का आश्वासन दिया।