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पुल निर्माण में लापरवाही की हद,नियमों को ताख कर रखकर किया निर्माण
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पुल में आई दरार।
- फोटो : RAIBARAILY
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डलमऊ (रायबरेली)। गंगा तट पर करीब 60 लाख रुपये लागत से बने पुल में दरार आने के बाद लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं में खलबली मच गई। खामियों को छिपाने के लिए अभियंता पूरी कोशिश में लगे हैं।
पुल की दो छतों के बीच गैप रखने के अलावा रेलिंग में भी एक्सपेंशन ज्वाइंट बनवाना अभियंता भूल गए। अब रेलिंग को कटवाने की तैयारी है। जबकि विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि यह पुल करीब 12 मीटर लंबा है।
नियम है कि 10 मीटर से यदि लंबा पुल है तो निर्माण के समय ही अलग-अलग छत पड़नी चाहिए थी लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। एक्सपेंशन ज्वाइंट के बीच लोहे की प्लेट डाली जाती है। निर्माण के समय उसे भी नहीं डाला गया।
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डलमऊ गंगा तट पर सड़क घाट और वीआईपी घाट के बीच नाला बहता है। यहां पर श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए बह रहे नाले के ऊपर पुल का निर्माण कराया गया। दो महीने पहले ही पुल बनकर तैयार हुआ।
अभी पुल का लोकार्पण तक नहीं हुआ है। इसके पहले बीच पुल में दरार आ गई। छत के साथ-साथ रेलिंग में भी दरार आई है। इससे साफ जाहिर है कि पुल के निर्माण में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं और काम कराने वाली फर्म के जिम्मेदारों ने जमकर मनमानी की।
यही वजह है कि पुल में दरार आ गई। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता संतोष कुमार राय ने बताया कि पुल में दो छतें पड़ी हैं। एक्सपेंशन ज्वाइंट में सीमेंट का मसाला भर गया है।
पुल की रेलिंग में दो खंड होने चाहिए थे, लेकिन उस समय नहीं हो पाए। रेलिंग को भी कटवाने के निर्देश दिए गए हैं। अवर अभियंता असलम को इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को पुल में एक्सपेंशन ज्वाइंट खुलवाने का काम होगा।
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पुल की दो छतों के बीच गैप रखने के अलावा रेलिंग में भी एक्सपेंशन ज्वाइंट बनवाना अभियंता भूल गए। अब रेलिंग को कटवाने की तैयारी है। जबकि विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि यह पुल करीब 12 मीटर लंबा है।
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नियम है कि 10 मीटर से यदि लंबा पुल है तो निर्माण के समय ही अलग-अलग छत पड़नी चाहिए थी लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। एक्सपेंशन ज्वाइंट के बीच लोहे की प्लेट डाली जाती है। निर्माण के समय उसे भी नहीं डाला गया।
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डलमऊ गंगा तट पर सड़क घाट और वीआईपी घाट के बीच नाला बहता है। यहां पर श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए बह रहे नाले के ऊपर पुल का निर्माण कराया गया। दो महीने पहले ही पुल बनकर तैयार हुआ।
अभी पुल का लोकार्पण तक नहीं हुआ है। इसके पहले बीच पुल में दरार आ गई। छत के साथ-साथ रेलिंग में भी दरार आई है। इससे साफ जाहिर है कि पुल के निर्माण में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं और काम कराने वाली फर्म के जिम्मेदारों ने जमकर मनमानी की।
यही वजह है कि पुल में दरार आ गई। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता संतोष कुमार राय ने बताया कि पुल में दो छतें पड़ी हैं। एक्सपेंशन ज्वाइंट में सीमेंट का मसाला भर गया है।
पुल की रेलिंग में दो खंड होने चाहिए थे, लेकिन उस समय नहीं हो पाए। रेलिंग को भी कटवाने के निर्देश दिए गए हैं। अवर अभियंता असलम को इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को पुल में एक्सपेंशन ज्वाइंट खुलवाने का काम होगा।