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सई नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त, 20 से ठप होगा आवागमन

Sat, 17 Oct 2020 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2020 11:39 PM IST
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Bridge on Sai River damaged, traffic will be stalled by 20
रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर शहर से सटे सई नदी पुल के एक्सपेंशन जॉइंट (पुल के बीच पड़ने वाली लोहे की प्लेट) क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस वजह से पुल से छोटे और भारी वाहनों का आवागमन 20 अक्तूबर से रोक दिया जाएगा। यह पुल कई जनपदों को जोड़ता है। पुल के जॉइंट खराब होने से वाहनों का डायवर्जन किया गया है। डायवर्जन होने से अब लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा।
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हाईवे पर बना पुल कई दशक पुराना होने के कारण जर्जर हो गया है। कई बार रेलिंग की मरम्मत कराई, लेकिन पुल के नीचे और ऊपर कोई मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजा, पुल के बीच पड़ने वाली लोहे की प्लेट खराब हो गई हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। पुल के अंतिम छोर पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए 20 अक्तूबर से पुल से छोटे और भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। 20 से पांच नवंबर के बीच मरम्म्त कराई जाएगी। इस दौरान वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
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एनएचएआई प्रबंधक योगेश मलिक ने बताया कि पुल के एक्सपेंशन जॉइंट पूरी तरह निष्क्रिय हो गए हैं। इसकी वजह से पुल पर प्रतिकूल दबाव पड़ रहा है। ऐसे में हादसे की आशंका बनी थी। 20 से पांच नवंबर के बीच मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। इस दौरान पूरी तरह से यातायात प्रभावित रहेगा।
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हर दिन दो लाख से ज्यादा गुजरते हैं वाहन
हाईवे पर बने इस पुल से प्रतिदिन दो लाख से ज्यादा वाहनों का आना-जाना रहता है। पुल सकरा होने के कारण आए दिन जाम लग जाता है। इससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अब वाहनों का डायवर्जन कर दिए जाने से लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। इस हाईवे से लखनऊ, जौनपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, प्रयागराज, बांदा समेत अन्य जनपदों के वाहन आते-जाते हैं। ट्रैफिक इंचार्ज रेखा सिंह का कहना है कि हाईवे पर दो लाख से ज्यादा वाहनों का आना-जाना रहता है। पुल ठीक तरीके से बनने के बाद जाम की समस्या दूर हो जाएगी।
इस तरह रहेगा छोटे और भारी वाहनों का डायवर्जन
लखनऊ की तरफ से प्रयागराज की ओर जाने वाले हल्के वाहन रायबरेली सिविल लाइंस चौराहे से परशदेपुर रोड से होकर शारदा सहायक नहर पर बने रिंग रोड से होते हुए जौनपुर हाईवे से मुंशीगंज बाइपास से प्रयागराज की तरफ जाएंगे। प्रयागराज से लखनऊ की तरफ से आने वाले हल्के वाहन रिंग से रोड से आएंगे। लखनऊ से प्रयागराज की तरफ जाने वाले भारी वाहन बछरावां से लालगंज होते हुए ऊंचाहार से प्रयागराज की ओर जाएंगे। रायबरेली से प्रयागराज जाने वाले वाहन रायबरेली से परशदेपुर होकर सलोन से ऊंचाहार होकर प्रयागराज की तरफ जाएंगे। प्रयागराज से लखनऊ, कानपुर और रायबरेली वापस आने वाले भारी वाहन ऊंचाहार, सलोन, परशदेपुर होकर रायबरेली से निकलेंगे या फिर ऊंचाहार, लालगंज से बछरावां होकर निकल सकेंगे।
हाईवे बने सई पुल के एक्सपेंशन जॉइंट डैमेज हो गए हैं। इस वजह से मुसाफिरों की सुरक्षा को देखते हुए जॉइंट ठीक कराए जाने की जरूरत है। इस दौरान रूट डायवर्जन किया गया है।
वैभव श्रीवास्तव, डीएम
जब हिलने लगा पुल तब जिम्मेदार हुए सक्रिय
रायबरेली। हाईवे पर सई नदी पर बने पुल से होकर मुसाफिर जान हथेली पर रखकर सफर करते रहे और विभागीय अधिकारी इसकी अनदेखी बरतते रहे। लापरवाही का आलम ये रहा कि 1966 से इस पुल की मरम्मत कराना जिम्मेदारों ने उचित नहीं समझा। अब जब पुल हिलने लगा तो अफसर सक्रिय हुए। थोड़ी सी चूक बड़े हादसे का सबब बन सकती थी। खास बात ये भी है कि इस पुल से मुसाफिर ही नहीं, बल्कि सूबे की राजधानी लखनऊ से मंत्रियों का आना-जाना प्रयागराज रहता है।
प्रयागराज से न्यायाधीश के अलावा बड़े अफसरों और जनप्रतिनिधियों का भी लखनऊ आना जाना रहता है। बावजूद इस पुल की मरम्मत कराने पर कई दशक बाद भी ध्यान नहीं दिया गया है। बताते हैं कि पुल इस कदर डैमेज हो गया है कि वह हिलने लगा है। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को लगा कि कहीं कोई हादसा न हो जाए तो आननफानन में वाहनों को रोककर पुल मरम्मत कराने का फरमान जारी कर दिया गया है। कई दशक से इस पुल की देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के पास थी, लेकिन वर्ष 2011 में लोक निर्माण विभाग ने इस पुल को एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया।

नौ साल में एनएचएआई के अफसरों ने भी पुल की मरम्मत कराना उचित नहीं समझा। नतीजतन पुल जर्जर होता गया। हर दिन पुल से होकर सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों पर मौत का खतरा मंडराता रहा। फिर भी गनीमत रही कि कोई हादसा होने से पहले इसे गंभीरता से लिया गया और आननफानन आवागमन रोकने का निर्णय लिया गया।
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