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कैशलेस इलाज से जुड़ने को चार निजी हॉस्पिटलों ने लगाई अर्जी
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रायबरेली। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए शहर के चार और बड़े निजी अस्पताल सामने आ गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में अर्जी लगाकर योजना से जोड़ने का अनुरोध किया है। इन अस्पतालों के जुड़ने के बाद 16.65 लाख गरीबों को जिले स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
अब तक योजना से जिले के आठ निजी अस्पताल जुड़े हैं, लेकिन तमाम गंभीर बीमारियों की सुविधाएं गरीबों को इन अस्पतालों में नहीं मिल पा रही है।
सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के साथ ही आठ निजी अस्पताल भी योजना से जुड़े हैं।
शहर के कई बड़े अस्पतालों के इस योजना से न जुड़ने के कारण गोल्डन कार्डधारकों को इलाज के लिए लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले के आठ निजी अस्पतालों में अब तक मात्र 1774 मरीजों को ही कैशलेस इलाज का लाभ मिल सका है।
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सीएमओ के प्रयास से शहर के चार निजी अस्पतालों ने योजना से जुड़ने के लिए आवेदन किया है। इसमें सिमहैंस हॉस्पिटल, सत्यम हॉस्पिटल, डिवाइन हॉस्पिटल और ज्योतिराज हॉस्पिटल ने आवेदन करके गरीबों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए योजना से जोड़ने का अनुरोध किया है।
आवेदन आने के बाद स्वास्थ्य विभाग मानकों की जांच में जुट गया है। जल्द ही मानकों को पूरा करने वाले निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे पात्र गरीबों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। कई और अस्पताल जल्द ही योजना से जुड़ने के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में हैं।
आयुष्मान योजना गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ देने के लिए जिले के आठ निजी अस्पताल काम कर रहे हैं। चार और निजी अस्पतालों ने योजना से जुड़ने के लिए आवेदन किया है। जल्द ही मानकों की जांच करके अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाएगा। और निजी अस्पतालों के जुड़ने से मरीजों को बेहतर इलाज का लाभ मिल सकेगा।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग में अर्जी लगाकर योजना से जोड़ने का अनुरोध किया है। इन अस्पतालों के जुड़ने के बाद 16.65 लाख गरीबों को जिले स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
अब तक योजना से जिले के आठ निजी अस्पताल जुड़े हैं, लेकिन तमाम गंभीर बीमारियों की सुविधाएं गरीबों को इन अस्पतालों में नहीं मिल पा रही है।
सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के साथ ही आठ निजी अस्पताल भी योजना से जुड़े हैं।
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शहर के कई बड़े अस्पतालों के इस योजना से न जुड़ने के कारण गोल्डन कार्डधारकों को इलाज के लिए लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले के आठ निजी अस्पतालों में अब तक मात्र 1774 मरीजों को ही कैशलेस इलाज का लाभ मिल सका है।
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सीएमओ के प्रयास से शहर के चार निजी अस्पतालों ने योजना से जुड़ने के लिए आवेदन किया है। इसमें सिमहैंस हॉस्पिटल, सत्यम हॉस्पिटल, डिवाइन हॉस्पिटल और ज्योतिराज हॉस्पिटल ने आवेदन करके गरीबों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए योजना से जोड़ने का अनुरोध किया है।
आवेदन आने के बाद स्वास्थ्य विभाग मानकों की जांच में जुट गया है। जल्द ही मानकों को पूरा करने वाले निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे पात्र गरीबों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। कई और अस्पताल जल्द ही योजना से जुड़ने के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में हैं।
आयुष्मान योजना गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ देने के लिए जिले के आठ निजी अस्पताल काम कर रहे हैं। चार और निजी अस्पतालों ने योजना से जुड़ने के लिए आवेदन किया है। जल्द ही मानकों की जांच करके अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाएगा। और निजी अस्पतालों के जुड़ने से मरीजों को बेहतर इलाज का लाभ मिल सकेगा।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ