फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Are not old freedom fighter Indrasn

नहीं रहे स्वतंत्रता सेनानी इंद्रासन सिंह

Sun, 20 Dec 2015 11:20 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 20 Dec 2015 11:20 PM IST
विज्ञापन
अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन और आचार्य बिनोवा भावे के भूदान आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन


प्रशासनिक अफसरों के साथ ही विभिन्न संगठन के पदाधिकारियों ने घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। पुलिस जवानों ने अंतिम सलामी दी।

अमावां रोड पर रतापुर के रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इंद्रासन सिंह मूलरूप से देवरिया जिले के बरवा मजरे गणेर के निवासी थे। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े।
विज्ञापन


वर्ष 1943 में झांसी के गांधी आश्रम में भारतीय झंडा फहराने पर अंग्रेजों ने इंद्रासन सिंह और उनके साथी आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया था।

इस दौरान झांसी और गोरखपुर के जेल में बंद किया गया। इसके बाद वर्ष 1955 में आचार्य बिनोवा भावे के भूदान आंदोलन में हिस्सा लिया।

पैतृक गांव छोड़कर 1964 में यहां आए और गांधी आश्रम के ट्रस्टी बने। इसके बाद मंत्री पदभार ग्रहण किया। रविवार की सुबह उनका निधन हो गया। अपने पीछे पत्नी पार्वती सिंह, तीन बेटे और पांच बेटियों को छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके निधन की सूचना मिलने पर एडीएम प्रशासन एससी चौधरी, सदर एसडीएम एसएन शुक्ला, सीओ सुशील कुमार, तहसीलदार सौरभ शुक्ला, गांधी आश्रम प्रभारी रमेश सिंह आदि ने रतापुर स्थित आवास पर पहुंचकर देश के वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

सशस्त्र सलामी के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इसी दौरान सभी की आंखें भर आई। डलमऊ गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed