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घर-घर पहुंचेंगी मोबाइल वेटनरी यूनिट, पशुओं का होगा इलाज
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रायबरेली। जिले के 2126 दुधारू पशुओं का बीमा होगा। एक पशु का 50 हजार रुपये तक बीमा करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को 31 मार्च तक लक्ष्य के सापेक्ष पशुओं का बीमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
जिले को मिलने वाली मोबाइल वेटनरी यूनिटों के लिए स्थलों का चयन भी कर लिया गया है। टोल फ्री नंबर पर फोन करते हुए 108 एंबुलेंस की तरह यह यूनिटें घरों पर पहुंचकर पशुओं का निशुल्क इलाज करेंगी। जल्द ही यह सुविधा जिले के पशुपालकों को मिलनी शुरू हो जाएगी।
शासन ने पशुपालकों की मदद के लिए उनके पशुओं का बीमा कराने का टॉरगेट जिले को दिया है। सामान्य वर्ग के पशुपालकों के 1872 और अनुसूचित जाति के पशुपालकों के 254 पशुओं के बीमे का लक्ष्य मिला है। दुधारू, गाय, भैंस, बकरी आदि का बीमा होगा। पशुओं का 50 हजार रुपये तक बीमा होगा।
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सामान्य वर्ग में बीमे की 75 प्रतिशत धनराशि और अनुसूचित जाति के पशुपालकों के पशुओं के बीमे में 90 प्रतिशत धनराशि सरकार की ओर से जमा की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को 31 मार्च तक लक्ष्य को पूरा करने के आदेश दिए हैं।
अंब्रेला स्क्रीम पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के तहत जिले को नौ मोबाइल वेटनरी यूनिट वैन जल्द ही मिलने वाली हैं। इन यूनिटों के लिए स्थल तय कर लिए गए हैं।
शहर में डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित पशु चिकित्सालय के अलावा, लालगंज, महराजगंज, डलमऊ, ऊंचाहार, सलोन, डीह, सरेनी और बछरावां पशु चिकित्सालयों में एक-एक यूनिट काम करेगी।
टोल फ्री नंबर पर फोन करते ही मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालक के घर पहुंचकर बीमार पशुओं का निशुल्क इलाज करने के साथ ही पशुओं को सेहतमंद रखने के लिए चिकित्सीय सलाह भी मुहैया कराएगी। यूनिट में पशुओं के लिए एक छोटा चलता फिरता अस्पताल होगा।
डॉक्टर के साथ ही पैरावेट काम करेंगे। पशुओं के परीक्षण की सुविधा के साथ ही वैन में छोटे पशुओं के आपरेशन के लिए एक ओटी की सुविधा भी होगी।
जिले में 2126 दुधारू पशुओं का 31 मार्च तक बीमा होगा। इसके अलावा जिले को मिलने वाली नौ मोबाइल वेटनरी यूनिटों के लिए स्थलों का चयन कर लिया गया है। जल्द ही यूनिटें मिलने के बाद पशुपालकों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। पशुओं का निशुल्क इलाज होगा। यूनिट पर इलाज संबंधी आधुनिक प्रबंध किए गए हैं।
डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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जिले को मिलने वाली मोबाइल वेटनरी यूनिटों के लिए स्थलों का चयन भी कर लिया गया है। टोल फ्री नंबर पर फोन करते हुए 108 एंबुलेंस की तरह यह यूनिटें घरों पर पहुंचकर पशुओं का निशुल्क इलाज करेंगी। जल्द ही यह सुविधा जिले के पशुपालकों को मिलनी शुरू हो जाएगी।
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शासन ने पशुपालकों की मदद के लिए उनके पशुओं का बीमा कराने का टॉरगेट जिले को दिया है। सामान्य वर्ग के पशुपालकों के 1872 और अनुसूचित जाति के पशुपालकों के 254 पशुओं के बीमे का लक्ष्य मिला है। दुधारू, गाय, भैंस, बकरी आदि का बीमा होगा। पशुओं का 50 हजार रुपये तक बीमा होगा।
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सामान्य वर्ग में बीमे की 75 प्रतिशत धनराशि और अनुसूचित जाति के पशुपालकों के पशुओं के बीमे में 90 प्रतिशत धनराशि सरकार की ओर से जमा की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को 31 मार्च तक लक्ष्य को पूरा करने के आदेश दिए हैं।
अंब्रेला स्क्रीम पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के तहत जिले को नौ मोबाइल वेटनरी यूनिट वैन जल्द ही मिलने वाली हैं। इन यूनिटों के लिए स्थल तय कर लिए गए हैं।
शहर में डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित पशु चिकित्सालय के अलावा, लालगंज, महराजगंज, डलमऊ, ऊंचाहार, सलोन, डीह, सरेनी और बछरावां पशु चिकित्सालयों में एक-एक यूनिट काम करेगी।
टोल फ्री नंबर पर फोन करते ही मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालक के घर पहुंचकर बीमार पशुओं का निशुल्क इलाज करने के साथ ही पशुओं को सेहतमंद रखने के लिए चिकित्सीय सलाह भी मुहैया कराएगी। यूनिट में पशुओं के लिए एक छोटा चलता फिरता अस्पताल होगा।
डॉक्टर के साथ ही पैरावेट काम करेंगे। पशुओं के परीक्षण की सुविधा के साथ ही वैन में छोटे पशुओं के आपरेशन के लिए एक ओटी की सुविधा भी होगी।
जिले में 2126 दुधारू पशुओं का 31 मार्च तक बीमा होगा। इसके अलावा जिले को मिलने वाली नौ मोबाइल वेटनरी यूनिटों के लिए स्थलों का चयन कर लिया गया है। जल्द ही यूनिटें मिलने के बाद पशुपालकों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। पशुओं का निशुल्क इलाज होगा। यूनिट पर इलाज संबंधी आधुनिक प्रबंध किए गए हैं।
डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी