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सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल, सीट मिलना मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:28 AM IST
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रायबरेली में रविवार को रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर टिकट बुकिंग के लिए लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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चढ़ते पारे ने ट्रेन यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। ट्रेनों में सीटें फुल हो गईं। रिजर्वेशन के लिए सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर लाइन लगाना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी में घंटों इंतजार के बाद भी करीब 400 लोगों को रोज रेलवे के काउंटर से मायूस लौटना पड़ रहा है।
स्कूलों में छुट्टियां होने वाली हैं। वहीं आसमान से बरस रही आग से भी लोग बेहाल हैं। ऐसे में लोगों ने परिवार के साथ ठंडे इलाकों की सैर का प्लान बनाया है। जिले से होकर चलने वाली प्रमुख गाड़ियों में पद्मावत एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, देहरादून एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, पंजाब मेल, अर्चना एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस व लोकमान्य तिलक आदि शामिल हैं।
गर्मी और छुट्टियों की वजह से इन सभी गाड़ियों में सीट लगभग फुल हो चुकी हैं। रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन के लिए सुबह से ही लाइन लग रही है, इसके बावजूद लोगों को सीट नहीं मिल रही है। आरक्षण न होने पर वेटिंग से काम चलाया जा रहा है।
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मुंबई, बंगलौर, जम्मू, अहमदाबाद को जाने वाली ट्रेनों पर वेटिंग भी नहीं मिल पा रही है। यहां से काठगोदाम, देहरादून, ऋषिकेश आदि स्थानों के लिए सीधी ट्रेनें हैं। फिर भी लोगों की पहली पसंद हरिद्वार और नैनीताल है। रेलवे अफसरों की माने तो ज्यादातर लोग इन्हीं स्थानों की बुकिंग के लिए आ रहे हैं।
रेलवे प्रशासन भले की लाख कोशिशें करें, लेकिन रिजर्वेशन काउंटर पर दलालों का बोलबाला है। सीट न मिलने से मायूस लोगों को ये अपना शिकार बना रहे हैं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर डेढ़ से दो गुना रुपये लेकर सीटें दिलवाई जा रही हैं।
हालांकि अफसर भले ही दावा करें कि दलालों को काउंटर पर भटकने नहीं दिया जाता, लेकिन हकीकत यह है कि सारा खेल सेटिंग-गेटिंग से चल रहा है। बाहर ही सौदा होता है और वहीं टिकट उपलब्ध करा देते हैं।
शहर के इंदिरा नगर के संजय मिश्र, गंगागंज के कमल तिवारी, अमरेशपुरी कॉलोनी के शैलेंद्र पांडेय रविवार को सुबह से ही लाइन में खड़े रहे। दो घंटे इंतजार के बाद भी रिजर्वेशन नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि स्कूलों में छुट्टियां होने वाली हैं। इसलिए बाहर जाने की सोच रहे थे।
लेकिन यहां तो ट्रेनों में सीट पहले ही फुल हैं। यह दर्द सिर्फ इन लोगों का नहीं, बल्कि रिजर्वेशन कराने के लिए प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों का है। लोगों का कहना है कि खास मौकों पर सुविधाएं बढ़ानी चाहिए, लेकिन रेलवे के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रायबरेली रेलवे स्टेशन के अधीक्षक डीआर मीना का कहना है कि स्कूलों में छुट्टियां होने वाली हैं। गर्मी में भी लोग घूमने के लिए बाहर जाएंगे। इसकी वजह से पहले से ही रिजर्वेशन करा कर रख रहे हैं। मई और जून में सीटें मिलना मुश्किल है। ज्यादातर ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी है।
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स्कूलों में छुट्टियां होने वाली हैं। वहीं आसमान से बरस रही आग से भी लोग बेहाल हैं। ऐसे में लोगों ने परिवार के साथ ठंडे इलाकों की सैर का प्लान बनाया है। जिले से होकर चलने वाली प्रमुख गाड़ियों में पद्मावत एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, देहरादून एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, पंजाब मेल, अर्चना एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस व लोकमान्य तिलक आदि शामिल हैं।
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गर्मी और छुट्टियों की वजह से इन सभी गाड़ियों में सीट लगभग फुल हो चुकी हैं। रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन के लिए सुबह से ही लाइन लग रही है, इसके बावजूद लोगों को सीट नहीं मिल रही है। आरक्षण न होने पर वेटिंग से काम चलाया जा रहा है।
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मुंबई, बंगलौर, जम्मू, अहमदाबाद को जाने वाली ट्रेनों पर वेटिंग भी नहीं मिल पा रही है। यहां से काठगोदाम, देहरादून, ऋषिकेश आदि स्थानों के लिए सीधी ट्रेनें हैं। फिर भी लोगों की पहली पसंद हरिद्वार और नैनीताल है। रेलवे अफसरों की माने तो ज्यादातर लोग इन्हीं स्थानों की बुकिंग के लिए आ रहे हैं।
रेलवे प्रशासन भले की लाख कोशिशें करें, लेकिन रिजर्वेशन काउंटर पर दलालों का बोलबाला है। सीट न मिलने से मायूस लोगों को ये अपना शिकार बना रहे हैं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर डेढ़ से दो गुना रुपये लेकर सीटें दिलवाई जा रही हैं।
हालांकि अफसर भले ही दावा करें कि दलालों को काउंटर पर भटकने नहीं दिया जाता, लेकिन हकीकत यह है कि सारा खेल सेटिंग-गेटिंग से चल रहा है। बाहर ही सौदा होता है और वहीं टिकट उपलब्ध करा देते हैं।
शहर के इंदिरा नगर के संजय मिश्र, गंगागंज के कमल तिवारी, अमरेशपुरी कॉलोनी के शैलेंद्र पांडेय रविवार को सुबह से ही लाइन में खड़े रहे। दो घंटे इंतजार के बाद भी रिजर्वेशन नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि स्कूलों में छुट्टियां होने वाली हैं। इसलिए बाहर जाने की सोच रहे थे।
लेकिन यहां तो ट्रेनों में सीट पहले ही फुल हैं। यह दर्द सिर्फ इन लोगों का नहीं, बल्कि रिजर्वेशन कराने के लिए प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों का है। लोगों का कहना है कि खास मौकों पर सुविधाएं बढ़ानी चाहिए, लेकिन रेलवे के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रायबरेली रेलवे स्टेशन के अधीक्षक डीआर मीना का कहना है कि स्कूलों में छुट्टियां होने वाली हैं। गर्मी में भी लोग घूमने के लिए बाहर जाएंगे। इसकी वजह से पहले से ही रिजर्वेशन करा कर रख रहे हैं। मई और जून में सीटें मिलना मुश्किल है। ज्यादातर ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी है।