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पीएम आवास पूर्ण कराने में मनमानी, तीन सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि
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रायबरेली। गांवों में गरीबों को छत मुहैया कराने की सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे सरेनी ब्लॉक के तीन सचिवों को मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। मनमानी कर रहे जिले के 15 ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को भी तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
प्रधानमंत्री आवासों को पूरा कराने की समीक्षा बैठक के बाद सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सरेनी ब्लॉक के सचिवों को बार-बार आवास पूर्ण कराने के आदेश दिए गए, लेकिन जिले में सबसे अधिक सरेनी में ही 87 से अधिक आवास अब तक अधूरे पड़े हैं। कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मनमाने सचिवों में हड़कंप मच गया है।
जिले को वर्ष 2020-21 में 20,380 और वर्ष 2021-22 में 11,787 पीएम आवास बनाने का लक्ष्य मिला था। पिछले सप्ताह चार्ज लेने के बाद परियोजना निदेशक राजेश कुमार मिश्रा ने पीएम आवासों को पूरा कराने के लिए अभियान शुरू किया।
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अभियान में करीब 100 आवासों को पूरा करवाया गया है। लेकिन दो साल बाद भी 646 पीएम आवास पूरे नहीं हो पाए हैं। सरेनी ब्लॉक में सबसे अधिक 87 आवासों के पूर्ण न होने पर सचिवों को तत्काल आवास पूरे कराने के आदेश दिए गए, लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं किया गया।
समीक्षा में मनमानी उजागर होने के बाद सरेनी के ग्राम पंचायत अधिकारी सत्येंद्र मिश्रा, आशीष यादव और ग्राम विकास अधिकारी विद्या सागर को मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। महराजगंज, अमावां, लालगंज, हरचंदपुर, सलोन, डीह सहित कई ब्लॉकों के 15 से अधिक सचिवों को तीन दिन में आवासों को पूर्ण कराने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मनमाने कर्मचारियों पर शिकंजा कसे जाने के बाद हड़कंप मच गया है। परियोजना निदेशक ने सभी सचिवों को इसी महीने शत-प्रतिशत प्रगति लाने के आदेश दिए हैं।
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प्रधानमंत्री आवासों को पूरा कराने की समीक्षा बैठक के बाद सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सरेनी ब्लॉक के सचिवों को बार-बार आवास पूर्ण कराने के आदेश दिए गए, लेकिन जिले में सबसे अधिक सरेनी में ही 87 से अधिक आवास अब तक अधूरे पड़े हैं। कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मनमाने सचिवों में हड़कंप मच गया है।
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जिले को वर्ष 2020-21 में 20,380 और वर्ष 2021-22 में 11,787 पीएम आवास बनाने का लक्ष्य मिला था। पिछले सप्ताह चार्ज लेने के बाद परियोजना निदेशक राजेश कुमार मिश्रा ने पीएम आवासों को पूरा कराने के लिए अभियान शुरू किया।
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अभियान में करीब 100 आवासों को पूरा करवाया गया है। लेकिन दो साल बाद भी 646 पीएम आवास पूरे नहीं हो पाए हैं। सरेनी ब्लॉक में सबसे अधिक 87 आवासों के पूर्ण न होने पर सचिवों को तत्काल आवास पूरे कराने के आदेश दिए गए, लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं किया गया।
समीक्षा में मनमानी उजागर होने के बाद सरेनी के ग्राम पंचायत अधिकारी सत्येंद्र मिश्रा, आशीष यादव और ग्राम विकास अधिकारी विद्या सागर को मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। महराजगंज, अमावां, लालगंज, हरचंदपुर, सलोन, डीह सहित कई ब्लॉकों के 15 से अधिक सचिवों को तीन दिन में आवासों को पूर्ण कराने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मनमाने कर्मचारियों पर शिकंजा कसे जाने के बाद हड़कंप मच गया है। परियोजना निदेशक ने सभी सचिवों को इसी महीने शत-प्रतिशत प्रगति लाने के आदेश दिए हैं।