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नौ एलटी ने दिया इस्तीफा, सीएचसी में जरूरी जांचें ठप

Fri, 20 May 2022 09:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 09:51 PM IST
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Action
रायबरेली। नॉन कम्युनिकेबल डिजीज की रोकथाम और अन्य जांचों के लिए ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में खोली गईं एनसीडी क्लीनिक बंदी की कगार पर हैं।
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जिले की 17 में नौ एनसीडी क्लीनिक में डॉक्टरों की पहले से ही तैनाती नहीं है। अब सरकारी नौकरी मिलने के बाद नौ लैब टेक्नीशियन (एलटी) ने भी इस्तीफा दे दिया है।
इससे सीएचसी में आने वाले मरीजों की जांच प्रभावित हो गई है। सीएचसी में मामूली जांचों के अलावा मरीजों को अन्य जांचें निजी पैथोलॉजी में करानी पड़ रही हैं।
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सरकार ने अस्पतालों में दवाओं के साथ ही सभी जांचें भी मुफ्त की हैं। सीएचसी में आने वाले मरीजों के ब्लड सहित अन्य जांचों को प्रभावी ढंग से कराने के लिए जिले की 17 सीएचसी में एनसीडी संचालित हैं।
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ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच इन्हीं क्लीनिकों में कराई जाती हैं, लेकिन शुरू से ही इन क्लीनिकों में डॉक्टरों की कमी बनी हुई है।
सभी क्लीनिक में कम से कम एक चिकित्सक होना चाहिए, लेकिन डलमऊ, ऊंचाहार, लालगंज, महराजगंज, अमावां, शिवगढ़, बछरावां और सलोन छोड़कर शेष नौ सीएचसी में संचालित एनसीडी क्लीनिक में डॉक्टर नहीं हैं।
डॉक्टरों की कमी होने के बाद भी एलटी के माध्यम से जांचें आसानी से हो रही थीं। सभी एनसीडी क्लीनिकों में एक-एक एलटी तैनात थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में रेगुलर तैनाती होने के कारण जगतपुर, बेलाभेला, बछरावां, शिवगढ़, महराजगंज, जतुआ-टप्पा सहित नौ सीएचसी में संचालित एनसीडी क्लीनिक के एलटी ने इस्तीफा दे दिया है।
एलटी के इस्तीफे के बाद मशीनों से होने वाली सारी जांचें ठप हो गईं हैं। सामान्य जांचें स्टाफ नर्सों के सहारे कराई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में जरूरी जांचें ठप होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मरीजों को निजी पैथोलॉजी से रुपये देकर जांचें करवानी पड़ रही हैं।
2021 में डॉक्टरों के पद भरने का प्रयास, नहीं मिले चिकित्सक
जिले में एनसीडी क्लीनिक को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के लिए वर्ष 2021 में डॉक्टरों के पद भरने के प्रयास किए गए थे, लेकिन चिकित्सक ही नहीं मिल पाए थे।
सीएचसी बछरावां, अमावां, बेलाभेला, डलमऊ, डीह, हरचंदपुर, जगतपुर, जतुआ-टप्पा, खीरों, खजूरगांव, महराजगंज, नसीराबाद, सलोन और सरेनी में एनसीडी क्लीनिक के लिए एमबीबीएस चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती होनी थी, लेकिन चिकित्सक नहीं मिल पाए। लगातार डॉक्टरों की कमी के कारण पहले से ही मरीजों को बेहतर जांच का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सीएचसी में रेगुलर एलटी तैनात, नहीं करते जांच
जिले की सीएचसी में रेगुलर एलटी की तैनाती है, लेकिन वे मरीजों को जांच की सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। बिना डॉक्टरों के संचालित एनसीडी क्लीनिक में सीएचसी के रेगुलर डॉक्टरों के माध्यम से जांच की प्रक्रिया कराने के आदेश हैं, लेकिन इसमें भी चिकित्सक सहयोग नहीं कर रहे हैं।
मनमानी के कारण मरीजों को ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं ऊंचाहार एनसीडी क्लीनिक के एलटी को जिला अस्पताल में कोविड कार्य के लिए दो साल से संबद्ध किया गया है। इसी कारण ऊंचाहार में भी काम प्रभावित है।

एनसीडी क्लीनिक में काम कर रहे नौ एलटी का रेगुलर पदों पर चयन हो गया है। इसी कारण एलटी काम छोड़कर चले गए हैं। इससे सीएचसी स्तर पर जांचे प्रभावित हो गई हैं, लेकिन रेगुलर एलटी को नियमित जांचें करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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