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सरकारी जमीन पर अवैध रूप से रखीं गईं ईंटें हटवाईं
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रायबरेली। रायबरेली-बांदा हाईवे के पास नेताजी सुभाष नगर में सरकारी जमीन का बैनामा कराए जाने के मामले को ‘अमर उजाला’ ने उठाया तो हड़कंप मच गया। सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के लिए रखीं ईंटें हटवा दी गई।
यही नहीं लेखपाल चंद्रकुमार दीक्षित की जांच में खुलासा हुआ है कि गाटा संख्या 174 में प्रापर्टी डीलर ने अपने भाई के नाम ही सरकारी जमीन का बैनामा करा दिया। भाई ने उस जमीन पर मकान भी बना लिया। उसी मकान के पास एक लेखपाल के प्लॉट पर कब्जा करने की बात सामने आई है। पूरी गड़बड़ी में राजस्व कानूनगो और लेखपाल की भूमिका शामिल रही।
बीती 2 सितंबर के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘सरकारी जमीन का कराया बैनामा, बन गए आशियाने’ शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। खबर में जिक्र था कि सदर तहसील क्षेत्र के शहर से सटे चक बहादुरपुर के सुभाष नगर मोहल्ले में करीब तीन बीघा जमीन है। करीब 12 बिस्वा सरकारी जमीन एक प्रापर्टी डीलर ने खुद बताकर बेचकर बैनामा करा दिया। दो लोगों ने इस जमीन पर मकान भी बनवा लिया।
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मोहल्ले के सुभाष मिश्रा की शिकायत पर एसडीएम सदर ने मामले की जांच कराई तो सरकारी जमीन का बैनामा कराने का खुलासा हुआ। खबर छपने के बाद बुधवार को प्रापर्टी डीलर समेत अन्य लोगों ने सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य कराने के लिए जो ईंटें रखी थी, उन्हें ट्रैक्टर पर लदवाकर दूसरे स्थान पर भेज दिया गया।
मामला उजागर होने के बाद वह लोग परेशान हैं, जिन्होंने लाखों रुपये लगाकर जमीन का बैनामा कराया था। उन्हें अभी तक जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया था। लेखपाल का कहना है कि गाटा संख्या 174 में सबसे बड़ा खेल किया गया है।
इसी गाटा संख्या में प्रापर्टी डीलर ने अपने भाई के नाम बैनामा करा दिया। एक अन्य लेखपाल के भी प्लॉट लेने की जानकारी आई है, जिसकी जांच कराई जा रही है। एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित का कहना है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
जमीन पर कब्जा करने को हटवाई मौरंग
मोहल्ला निवासी सुभाष मिश्रा ने डीएम को पत्र देकर सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुभाष ने पत्र में कहा कि सरकारी जमीन पर वह मौरंग लगाकर किसी तरह दो वक्त की रोजी-रोटी का जुगाड़ करता था।
प्रापर्टी डीलर ने जमीन हथियाने के लिए तहसील प्रशासन से झूठी शिकायत करके उसकी जमीन से मौरंग उठवा दी। प्रापर्टी डीलर की नजर सरकारी जमीन पर है। इसीलिए वह झूठी शिकायतें करता है। डीएम ने मामले में कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है।
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यही नहीं लेखपाल चंद्रकुमार दीक्षित की जांच में खुलासा हुआ है कि गाटा संख्या 174 में प्रापर्टी डीलर ने अपने भाई के नाम ही सरकारी जमीन का बैनामा करा दिया। भाई ने उस जमीन पर मकान भी बना लिया। उसी मकान के पास एक लेखपाल के प्लॉट पर कब्जा करने की बात सामने आई है। पूरी गड़बड़ी में राजस्व कानूनगो और लेखपाल की भूमिका शामिल रही।
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बीती 2 सितंबर के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘सरकारी जमीन का कराया बैनामा, बन गए आशियाने’ शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। खबर में जिक्र था कि सदर तहसील क्षेत्र के शहर से सटे चक बहादुरपुर के सुभाष नगर मोहल्ले में करीब तीन बीघा जमीन है। करीब 12 बिस्वा सरकारी जमीन एक प्रापर्टी डीलर ने खुद बताकर बेचकर बैनामा करा दिया। दो लोगों ने इस जमीन पर मकान भी बनवा लिया।
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मोहल्ले के सुभाष मिश्रा की शिकायत पर एसडीएम सदर ने मामले की जांच कराई तो सरकारी जमीन का बैनामा कराने का खुलासा हुआ। खबर छपने के बाद बुधवार को प्रापर्टी डीलर समेत अन्य लोगों ने सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य कराने के लिए जो ईंटें रखी थी, उन्हें ट्रैक्टर पर लदवाकर दूसरे स्थान पर भेज दिया गया।
मामला उजागर होने के बाद वह लोग परेशान हैं, जिन्होंने लाखों रुपये लगाकर जमीन का बैनामा कराया था। उन्हें अभी तक जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया था। लेखपाल का कहना है कि गाटा संख्या 174 में सबसे बड़ा खेल किया गया है।
इसी गाटा संख्या में प्रापर्टी डीलर ने अपने भाई के नाम बैनामा करा दिया। एक अन्य लेखपाल के भी प्लॉट लेने की जानकारी आई है, जिसकी जांच कराई जा रही है। एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित का कहना है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
जमीन पर कब्जा करने को हटवाई मौरंग
मोहल्ला निवासी सुभाष मिश्रा ने डीएम को पत्र देकर सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुभाष ने पत्र में कहा कि सरकारी जमीन पर वह मौरंग लगाकर किसी तरह दो वक्त की रोजी-रोटी का जुगाड़ करता था।
प्रापर्टी डीलर ने जमीन हथियाने के लिए तहसील प्रशासन से झूठी शिकायत करके उसकी जमीन से मौरंग उठवा दी। प्रापर्टी डीलर की नजर सरकारी जमीन पर है। इसीलिए वह झूठी शिकायतें करता है। डीएम ने मामले में कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है।