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Raebareli News: शिविर में जाली दस्तावेज से बनाते थे आधार कार्ड
Sat, 22 Nov 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:47 AM IST
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रायबरेली। डीह इलाके में शिकायत के बाद पुलिस द्वारा की गई जांच में जाली दस्तावेज से आधार कार्ड बनाने के खेल का खुलासा हुआ है। गांवों में शिविर लगाकर जाली दस्तावेज से आधार कार्ड बनाने का यह फर्जीवाड़ा करीब छह माह से चल रहा था। फरार आरोपी शहबाज आलम को इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में रायबरेली के लोगों के ही आधारकार्ड बनाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस जिले से बाहर रहने वालों के आधार कार्ड बनाए जाने से भी इन्कार नहीं कर रही है।
विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले डीह थाना क्षेत्र में फर्जीवाड़ा कर आधार कार्ड बनाने का खुलासा हुआ है। इससे पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां भी सकते में हैं। डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपी अरविंद, शत्रुघ्न दुकान के अलावा टेकारीदांदू, रोखा, मऊ, बिन्नावां गांवों में शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाने का काम शुरू किया था। शक होने पर क्षेत्रीय लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी।
पुलिस की पकड़ में आया अरविंद रोखा बाजार में दो साल से मोबाइल की दुकान संचालित कर रहा था, लेकिन छह माह पहले से वह शहबाज आलम के संपर्क में आने के बाद आधार कार्ड बनाने का काम करने लगा था। इसके एवज में 300 या फिर 320 रुपये तक वसूले जाते थे।
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विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले डीह थाना क्षेत्र में फर्जीवाड़ा कर आधार कार्ड बनाने का खुलासा हुआ है। इससे पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां भी सकते में हैं। डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपी अरविंद, शत्रुघ्न दुकान के अलावा टेकारीदांदू, रोखा, मऊ, बिन्नावां गांवों में शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाने का काम शुरू किया था। शक होने पर क्षेत्रीय लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी।
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पुलिस की पकड़ में आया अरविंद रोखा बाजार में दो साल से मोबाइल की दुकान संचालित कर रहा था, लेकिन छह माह पहले से वह शहबाज आलम के संपर्क में आने के बाद आधार कार्ड बनाने का काम करने लगा था। इसके एवज में 300 या फिर 320 रुपये तक वसूले जाते थे।
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