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छप्पर के नीचे सो रही बच्ची जिंदा जली
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 11 Apr 2017 11:56 PM IST
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जली मासूम
- फोटो : अमर उजाला
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गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र केे चंदई रघुनाथपुर गांव में मंगलवार को छप्पर के नीचे सो रही बच्ची जिंदा जल गई। आग से घर जल गया, जिससे तीन लाख के क्षति हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहसील प्रशासन मदद दिलाने की बात कह रहा है।
चंदई रघुनाथपुर गांव निवासी लालाराम किसानी करता है। घर के बाहर छप्पर रखा है। छप्पर के नीचे मंगलवार को उसकी दो वर्षीय बेटी गौरी सो रही थी। लालाराम खेत गया था, जबकि मां बदाला घर के अंदर थी। इसी दौरान अचानक छप्पर में आग लग गई।
जानकारी पर मां बदाला पहुंची, लेकिन तेज हवा के चलते भड़की लपटों के आगे वो बेबस हो गई। चीख-पुकार पर ग्रामीण जुट गए। सूचना पर लालाराम भी पहुंच गया। जब तक आग बुझाया जाता, तब तक जिंदा जलकर गौरी की मौत हो चुकी थी। आग से छप्पर के अलावा पूरा घर जल गया।
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अग्निकांड में नकदी, कपड़ा, अनाज समेत तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। बेटी की मौत से बदाला के आंसू नहीं थम रहे हैं। कहती है कि वह देखती रही और उसकी बेटी जिंदा जल गई। चाहकर भी उसे वह बचा नहीं पाई।
इस दर्दनाक घटना से सिर्फ परिवारीजन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण भी गमगीन हैं। थानेदार पन्नेलाल का कहना है कि आग से जलकर बच्ची की मौत हुई है। घटना की जांच कराई जा रही है।
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चंदई रघुनाथपुर गांव निवासी लालाराम किसानी करता है। घर के बाहर छप्पर रखा है। छप्पर के नीचे मंगलवार को उसकी दो वर्षीय बेटी गौरी सो रही थी। लालाराम खेत गया था, जबकि मां बदाला घर के अंदर थी। इसी दौरान अचानक छप्पर में आग लग गई।
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जानकारी पर मां बदाला पहुंची, लेकिन तेज हवा के चलते भड़की लपटों के आगे वो बेबस हो गई। चीख-पुकार पर ग्रामीण जुट गए। सूचना पर लालाराम भी पहुंच गया। जब तक आग बुझाया जाता, तब तक जिंदा जलकर गौरी की मौत हो चुकी थी। आग से छप्पर के अलावा पूरा घर जल गया।
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अग्निकांड में नकदी, कपड़ा, अनाज समेत तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। बेटी की मौत से बदाला के आंसू नहीं थम रहे हैं। कहती है कि वह देखती रही और उसकी बेटी जिंदा जल गई। चाहकर भी उसे वह बचा नहीं पाई।
इस दर्दनाक घटना से सिर्फ परिवारीजन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण भी गमगीन हैं। थानेदार पन्नेलाल का कहना है कि आग से जलकर बच्ची की मौत हुई है। घटना की जांच कराई जा रही है।