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गर्भवती ने चौराहे पर जना बच्चा
Raebareli
Updated Mon, 24 Jun 2013 05:30 AM IST
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डलमऊ (रायबरेली)। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से एक गर्भवती ने चौराहे पर बच्चे को जन्म दे दिया। महिला काफी देर तक दर्द से कराहती रहती। बाद में उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस नहीं आई और न ही अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
डलमऊ तहसील क्षेत्र के बलीपुर गांव निवासी अमृतलाल की पत्नी सुनीता को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद आशा बहू सुमन ने समाजवादी एंबुलेंस को सूचना दी, मगर गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान महिला का दर्द बढ़ता गया। काफी देर बाद भी एंबुलेंस न पहुंचने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी दी गई। इसके बावजूद गाड़ी नहीं पहुंची।
एंबुलेंस के न पहुंचने पर परिवारीजन महिला को मोटरसाइकिल पर ही बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हुए। वे डलमऊ कस्बे के पास चौराहे पर पहुंचे तभी गर्भवती की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। इस पर परिवारीजनों ने महिला को बाइक से नीचे उतारा और उसने वहीं पर एक बच्चे को जन्म दे दिया। बाद में एक तांगे से जच्चा-बच्चा को सीएचसी पहुंचाया गया। आशा बहू का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय से पहुंच जाती तो ऐसा न होता। उधर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अभिमन्यु सिंह का कहना है कि सड़क हादसे की वजह से समाजवादी एंबुलेंस खराब हो गई है। सूचना पर दूसरी एंबुलेंस भेजी गई थी, लेकिन तब तक गर्भवती को प्रसव हो गया था। बाद में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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ग्रामीणों में आक्रोश
बलीपुर गांव के वीरभान सिंह, राम सहारे और डलमऊ निवासी कैलाशनाथ, सुनील जायसवाल, मनोज सोनकर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते ही गर्भवती ने भरे चौराहे पर बच्चे को जन्म दिया है। ऊपर वाले का शुक्र रहा कि जच्चा-बच्चा की जान बच गई। यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो ऐसा नहीं होता। सभी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामला संज्ञान में नहीं, जांच कराएंगे : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एके गुप्ता का कहना है कि डलमऊ में चौराहे पर महिला के बच्चे को जन्म देने का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। वह इस मामले की जांच कराएंगे कि सूचना के बावजूद एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंची। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डलमऊ तहसील क्षेत्र के बलीपुर गांव निवासी अमृतलाल की पत्नी सुनीता को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद आशा बहू सुमन ने समाजवादी एंबुलेंस को सूचना दी, मगर गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान महिला का दर्द बढ़ता गया। काफी देर बाद भी एंबुलेंस न पहुंचने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी दी गई। इसके बावजूद गाड़ी नहीं पहुंची।
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एंबुलेंस के न पहुंचने पर परिवारीजन महिला को मोटरसाइकिल पर ही बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हुए। वे डलमऊ कस्बे के पास चौराहे पर पहुंचे तभी गर्भवती की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। इस पर परिवारीजनों ने महिला को बाइक से नीचे उतारा और उसने वहीं पर एक बच्चे को जन्म दे दिया। बाद में एक तांगे से जच्चा-बच्चा को सीएचसी पहुंचाया गया। आशा बहू का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय से पहुंच जाती तो ऐसा न होता। उधर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अभिमन्यु सिंह का कहना है कि सड़क हादसे की वजह से समाजवादी एंबुलेंस खराब हो गई है। सूचना पर दूसरी एंबुलेंस भेजी गई थी, लेकिन तब तक गर्भवती को प्रसव हो गया था। बाद में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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ग्रामीणों में आक्रोश
बलीपुर गांव के वीरभान सिंह, राम सहारे और डलमऊ निवासी कैलाशनाथ, सुनील जायसवाल, मनोज सोनकर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते ही गर्भवती ने भरे चौराहे पर बच्चे को जन्म दिया है। ऊपर वाले का शुक्र रहा कि जच्चा-बच्चा की जान बच गई। यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो ऐसा नहीं होता। सभी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामला संज्ञान में नहीं, जांच कराएंगे : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एके गुप्ता का कहना है कि डलमऊ में चौराहे पर महिला के बच्चे को जन्म देने का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। वह इस मामले की जांच कराएंगे कि सूचना के बावजूद एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंची। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।