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हैंडपंपों की रिबोरिंग में फर्जीवाड़ा
Raebareli
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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रायबरेली। जल निगम हैंडपंपों की रिबोरिंग व नए हैंडपंप लगाने में फर्जीवाडेे़ से बाज नहीं आ रहा है। शिवगढ़ ब्लॉक में कागजों पर ही सात हैंडपंप रिबोर कर दिए गए। जांच में घपला उजागर होते ही जल निगम के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। सीडीओ के आदेश के बाद जल निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। छह माह पहले एक करोड़ रुपये के घपले का मामला पकड़ में आने पर तत्कालीन डीएम ने जल निगम के तत्कालीन अधिशासी अभियंता के खिलाफ रिकवरी व कार्रवाई का आदेश दिया था। इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता महेंद्र पांडेय को शासन ने सस्पेंड भी कर दिया था। बड़ी कार्रवाई के बाद भी जल निगम के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी और फर्जीवाडे़ का दौर जारी रखा। जिला प्रशासन ने जल निगम को हैंडपंपों की रिबोर के लिए सूची दी। कुछ हैंडपंपों की रिबोरिंग होने के बाद शासन ने रिबोरिंग पर रोक लगा दी। जल निगम के अधिकारियों ने धन का वारा-न्यारा करने के लिए कई ब्लॉकों में बिना रिबोर किए ही रिबोरिंग की सूची विकास विभाग को साैंप दी। रिबोर हैंडपंपों की जांच कराई गई तो परत दर परत जल निगम का कारनामा उजागर होने लगा। अकेले शिवगढ़ ब्लॉक में सात हैंडपंप कागजों पर ही रिबोर कर दिए गए। इसके अलावा अन्य कई ब्लॉकों में भी रिबोरिंग में जमकर खेल किया गया है। बताते हैं कि जिले में करीब पांच लाख से अधिक के हैंडपंपों की रिबोरिंग में घालमेल किया गया है। जांच रिपोर्ट आते ही सीडीओ ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ऐसा धन के गबन के मकसद से किया गया है। दोषियों के दायित्वों का निर्धारण करके एक सप्ताह में कार्रवाई करके सूचित करें। ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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