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कस्तूरबा विद्यालयों में रोजाना चार बार लगेगी हाजिरी
Updated Sat, 18 Aug 2018 01:32 AM IST
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रायबरेली। जिले में संचालित 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 1600 बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर शासन गंभीर हो गया है। इसीलिए सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. वेदपति मिश्रा ने सर्कुलर जारी करते हुए कस्तूरबा विद्यालयों में रोजाना चार बार हाजिरी दर्ज लगाने के निर्देश दिए हैं। राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशों से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और वार्डेन को अवगत करा दिया गया है।
निदेशक ने कहा है कि हर विद्यालय का महीने में एक बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, दो बार जिला समन्वयक बालिका शिक्षा और चार बार क्षेत्रीय खंड शिक्षा अधिकारी को निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखनी होगी। अगर सीसीटीवी कैमरा खराब होगा तो उसके लिए सीधे तौर पर वार्डेन और लेखाकार जिम्मेदार माने जाएंगे।
स्टाफ और छात्राओं की हाजिरी बायोमीट्रिक मशीन से चार बार दर्ज होगी। सभी को परिचय पत्र निर्गत किए जाएंगे। राज्य परियोजना निदेशक ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी विद्यालय की सुरक्षा के संबंध में वहां के मुख्य रसोइया, सहायक रसोइया, चपरासी और चौकीदार भी बराबर के जिम्मेदार माने जाएंगे। हर विद्यालय में दो महिला होमगार्ड की तैनाती के साथ ही पुलिस की गश्त भी होगी।
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राज्य परियोजना निदेशक का पत्र मिला है। इसमें दिए गए सभी बिंदुओं का पालन करने के लिए बीईओ और वार्डेन को निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान देने के लिए संबंधित विभागों से भी मदद ली जाएगी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
-वीरेंद्र कुमार कनौजिया, प्रभारी बीएसए
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निदेशक ने कहा है कि हर विद्यालय का महीने में एक बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, दो बार जिला समन्वयक बालिका शिक्षा और चार बार क्षेत्रीय खंड शिक्षा अधिकारी को निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखनी होगी। अगर सीसीटीवी कैमरा खराब होगा तो उसके लिए सीधे तौर पर वार्डेन और लेखाकार जिम्मेदार माने जाएंगे।
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स्टाफ और छात्राओं की हाजिरी बायोमीट्रिक मशीन से चार बार दर्ज होगी। सभी को परिचय पत्र निर्गत किए जाएंगे। राज्य परियोजना निदेशक ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी विद्यालय की सुरक्षा के संबंध में वहां के मुख्य रसोइया, सहायक रसोइया, चपरासी और चौकीदार भी बराबर के जिम्मेदार माने जाएंगे। हर विद्यालय में दो महिला होमगार्ड की तैनाती के साथ ही पुलिस की गश्त भी होगी।
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राज्य परियोजना निदेशक का पत्र मिला है। इसमें दिए गए सभी बिंदुओं का पालन करने के लिए बीईओ और वार्डेन को निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान देने के लिए संबंधित विभागों से भी मदद ली जाएगी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
-वीरेंद्र कुमार कनौजिया, प्रभारी बीएसए