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एक साथ चेक किए गए 754 सरकारी स्कूल
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:31 AM IST
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एक साथ चेक किए गए 754 सरकारी स्कूल, 282 गुरुजी मिले गैरहाजिर
रायबरेली। जिले के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की मंगलवार को पड़ताल कराई गई। एक साथ 754 स्कूलों को चेक किया गया। इसमें से 282 गुरुजी अनुपस्थिति मिले। अफसरों के मुताबिक अनुुपस्थिति में शिक्षामित्रों की तादाद अधिक रही। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी 66 फीसदी मिली। निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील व्यवस्था देखी गई। बच्चों से पठन-पाठन के बारे में जानकारी हासिल की गई। यहां तक बच्चों से बोर्ड में लिखाकर देखा गया। एक साथ हुई चेकिंग से शिक्षकों में हड़कंप मच गया। इसकी रिपोर्ट बीएसए को सौंपी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को हर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी की टीम गठित की और उन्हें स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी अमावां वीरेंद्र कनौजिया ने टीम के साथ प्राथमिक स्कूल गढ़ीखास और हरदासपुर स्कूल में पठन-पाठन का कार्य देखा। बच्चों की अनुपस्थिति और मिड-डे-मील भी देखा गया।
इसके अलावा राही, सतांव, सरेनी, लालगंज, महराजगंज, बछरावां आदि के खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को परखा। कई स्कूलों में तो पठन-पाठन कार्य और बच्चों को भोजन वितरण सही नहीं मिला। निरीक्षण के बाद शाम को इसकी रिपोर्ट बीएसए को सौंपी गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि जिले के 754 स्कूलों के निरीक्षण के दौरान 282 शिक्षक-शिक्षामित्र गैरहाजिर मिले हैं। इसमें अधिकतर शिक्षामित्र शामिल हैं। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में 83 फीसदी शिक्षकों और 66 फीसदी बच्चों की उपस्थिति मिली है। बच्चों की उपस्थिति और बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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रायबरेली। जिले के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की मंगलवार को पड़ताल कराई गई। एक साथ 754 स्कूलों को चेक किया गया। इसमें से 282 गुरुजी अनुपस्थिति मिले। अफसरों के मुताबिक अनुुपस्थिति में शिक्षामित्रों की तादाद अधिक रही। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी 66 फीसदी मिली। निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील व्यवस्था देखी गई। बच्चों से पठन-पाठन के बारे में जानकारी हासिल की गई। यहां तक बच्चों से बोर्ड में लिखाकर देखा गया। एक साथ हुई चेकिंग से शिक्षकों में हड़कंप मच गया। इसकी रिपोर्ट बीएसए को सौंपी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को हर ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी की टीम गठित की और उन्हें स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी अमावां वीरेंद्र कनौजिया ने टीम के साथ प्राथमिक स्कूल गढ़ीखास और हरदासपुर स्कूल में पठन-पाठन का कार्य देखा। बच्चों की अनुपस्थिति और मिड-डे-मील भी देखा गया।
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इसके अलावा राही, सतांव, सरेनी, लालगंज, महराजगंज, बछरावां आदि के खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को परखा। कई स्कूलों में तो पठन-पाठन कार्य और बच्चों को भोजन वितरण सही नहीं मिला। निरीक्षण के बाद शाम को इसकी रिपोर्ट बीएसए को सौंपी गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि जिले के 754 स्कूलों के निरीक्षण के दौरान 282 शिक्षक-शिक्षामित्र गैरहाजिर मिले हैं। इसमें अधिकतर शिक्षामित्र शामिल हैं। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में 83 फीसदी शिक्षकों और 66 फीसदी बच्चों की उपस्थिति मिली है। बच्चों की उपस्थिति और बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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