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बैंकों में तालाबंदी, ठप रहा चार अरब का कारोबार
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रायबरेली। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बुधवार को जिले भर के बैंकों में पूरी तरह से तालाबंदी रही। इससे करीब चार अरब का कारोबार ठप रहा।
बैंक पहुंचे ग्राहकों को मायूसी हो बैरंग लौटना पड़ा। वेतन विसंगति समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि उनकी मांगें पूरी करने को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर से लेकर देहात क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य बैंकों की करीब 472 शाखाओं के ताले नहीं खुले।
इससे बैंक पहुंचे ग्राहक निराश हुए। कुछ ग्राहक तो इस उम्मीद के साथ बैठे रहे कि बैंक खुलेगा। दोपहर तक बैठे रहे और फिर मायूस होकर लौट गए।
बैंक अधिकारी व कर्मचारी बैंकों के सामने और फिर सुपर मार्केट में जुटे। नारेबाजी के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही बाइक जुलूस भी निकाला।
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बैंक कर्मियों ने कहा कि बैंक घाटे की आड़ में वेतन पुनरीक्षण रोका जा रहा है। सरकार की स्कीम बैंकों पर थोपने की बात कही जा रही है, जो गलत है। मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
सुनील ओझा, सचिन वर्मा, अजय, शकील अहमद व कीर्ति मोहन मिश्रा ने कहा कि हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यूनियन के महामंत्री अयाज अहमद ने बताया कि 472 बैंक शाखाओं में तालाबंदी रही। चार अरब का लेनदेन ठप रहा।
विभिन्न मांगों को लेकर बैंक अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे लेनदेन नहीं हुआ। पूरी तरह से तालाबंदी रही। हड़ताल से करीब चार अरब का कारोबार ठप रहा।
-ईश्वचंद्र झा, एलडीएम
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बैंक पहुंचे ग्राहकों को मायूसी हो बैरंग लौटना पड़ा। वेतन विसंगति समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि उनकी मांगें पूरी करने को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर से लेकर देहात क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य बैंकों की करीब 472 शाखाओं के ताले नहीं खुले।
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इससे बैंक पहुंचे ग्राहक निराश हुए। कुछ ग्राहक तो इस उम्मीद के साथ बैठे रहे कि बैंक खुलेगा। दोपहर तक बैठे रहे और फिर मायूस होकर लौट गए।
बैंक अधिकारी व कर्मचारी बैंकों के सामने और फिर सुपर मार्केट में जुटे। नारेबाजी के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही बाइक जुलूस भी निकाला।
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बैंक कर्मियों ने कहा कि बैंक घाटे की आड़ में वेतन पुनरीक्षण रोका जा रहा है। सरकार की स्कीम बैंकों पर थोपने की बात कही जा रही है, जो गलत है। मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
सुनील ओझा, सचिन वर्मा, अजय, शकील अहमद व कीर्ति मोहन मिश्रा ने कहा कि हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यूनियन के महामंत्री अयाज अहमद ने बताया कि 472 बैंक शाखाओं में तालाबंदी रही। चार अरब का लेनदेन ठप रहा।
विभिन्न मांगों को लेकर बैंक अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे लेनदेन नहीं हुआ। पूरी तरह से तालाबंदी रही। हड़ताल से करीब चार अरब का कारोबार ठप रहा।
-ईश्वचंद्र झा, एलडीएम