{"_id":"598620824f1c1b91778b4680","slug":"81501962370-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वरिष्ठ साथी पर रिपोर्ट से वकीलों का गुस्सा, प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वरिष्ठ साथी पर रिपोर्ट से वकीलों का गुस्सा, प्रदर्शन
Updated Sun, 06 Aug 2017 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वरिष्ठ साथी पर रिपोर्ट से वकीलों में आक्रोश
रायबरेली। तीन दिन से शांतिपूर्ण हड़ताल कर रहे दीवानी कचहरी से अधिवक्ताओं का गुस्सा वरिष्ठ साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार को बढ़ गया। वकीलों ने कचहरी परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
बार के अध्यक्ष लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने कहा कि एक एडीजे के गलत कार्य व व्यवहार की वजह से दीवानी कचहरी का पूरा माहौल खराब हो गया। इसी कारण बाध्य होकर वकीलों को बेमियादी हड़ताल करनी पड़ी है। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से चौथे दिन भी अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। वादकारियों को सिर्फ तारीख देकर बैरंग लौटना पड़ा। इस मौके पर बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश तिवारी, रामबरन सिंह, हरिश्चंद्र शर्मा, लालता यादव आदि मौजूद रहे।
झूठा फंसाया जा रहा : अशोक
एफआईआर में नामजद किए गए कर्मचारी अशोक अवस्थी ने कहा कि 21 जुलाई को कक्ष संख्या पांच के पेशकार भगवानदास के बेहोश होने की सूचना पर वे उसे अन्य सहयोगियों की मदद से जिला अस्पताल ले गए। वहां उसका इलाज कराया। कथित घटना के समय वे कचहरी परिसर में ही नहीं थे। उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने एसपी को पत्र लिखकर अपनी नामजदगी को गलत बताया और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। तीन दिन से शांतिपूर्ण हड़ताल कर रहे दीवानी कचहरी से अधिवक्ताओं का गुस्सा वरिष्ठ साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार को बढ़ गया। वकीलों ने कचहरी परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
बार के अध्यक्ष लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने कहा कि एक एडीजे के गलत कार्य व व्यवहार की वजह से दीवानी कचहरी का पूरा माहौल खराब हो गया। इसी कारण बाध्य होकर वकीलों को बेमियादी हड़ताल करनी पड़ी है। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने की वजह से चौथे दिन भी अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। वादकारियों को सिर्फ तारीख देकर बैरंग लौटना पड़ा। इस मौके पर बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश तिवारी, रामबरन सिंह, हरिश्चंद्र शर्मा, लालता यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
झूठा फंसाया जा रहा : अशोक
एफआईआर में नामजद किए गए कर्मचारी अशोक अवस्थी ने कहा कि 21 जुलाई को कक्ष संख्या पांच के पेशकार भगवानदास के बेहोश होने की सूचना पर वे उसे अन्य सहयोगियों की मदद से जिला अस्पताल ले गए। वहां उसका इलाज कराया। कथित घटना के समय वे कचहरी परिसर में ही नहीं थे। उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने एसपी को पत्र लिखकर अपनी नामजदगी को गलत बताया और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन