{"_id":"5b5223f74f1c1b46748b6112","slug":"71532109815-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल स्टोर संचालकों को कराना होगा ऑनलाइन पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल स्टोर संचालकों को कराना होगा ऑनलाइन पंजीकरण
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। मनमाने ढंग से दवा की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अब संचालकों को एफएसडीए की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसमें लाइसेंस से संबंधित सभी जानकारी के अलावा मेडिकल स्टोर पर कार्य करने वाले तकनीकी स्टाफ का ब्योरा देना होगा। 31 अगस्त तक ऑनलाइन प्रक्रिया होनी है। इस अवधि तक ऑनलाइन न कराने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
मौजूदा समय की बात करें तो जिले में 900 मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे हैं, जबकि ढाई सौ होलसेलर दवा की बिक्री करने का कार्य कर रहे हैं। अभी तक विभाग से मेडिकल स्टोर ऑनलाइन नहीं थे। अब इन्हें भी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एफएसडीए के आयुक्त ने मेडिकल स्टोर संचालकों को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद संचालकों की ओर से मनमाने ढंग से दवा की बिक्री रोकना है। संचालकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराने में लाइसेंस से संबंधित जानकारी और वहां पर कार्य करने वाले तकनीकी स्टाफ की जानकारी देनी होगी। ऐसा होेने के बाद डीआई दफ्तर में बैठकर मेडिकल स्टोर संचालकों की सारी जानकारी ले सकेंगे। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी कर सकेंगे।
दुकान बंद कर दी है तो जमा करें लाइसेंस
किसी कारणवश जिन मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकान बंद कर दी है, उन्हें अपना लाइसेंस विभाग में जमा करना होगा। एफएसडीए के आयुक्त ने डीओ को पत्र भेजकर इस आदेश को अमल कराने के निर्देश जारी किए हैं। दुकान बंद करने के बाद भी लाइसेंस जमा न करने वाले संचालकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
इस वेबसाइट पर कराएं पंजीकरण
औषधि निरीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि विभाग के आयुक्त के निर्देश पर सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को विभाग की वेबसाइट एफएसडीएडॉटजीओवी.इन पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। 31 अगस्त तक ऑनलाइन कराने का कार्य संचालक पूरा कर लें। इस अवधि के बाद यदि कोई ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराता है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। शासन का मकसद है कि दवा बिक्री में किसी तरह की मनमानी न हो। जनता को ठीक तरीके से दवा उपलब्ध हो।
विज्ञापन
मौजूदा समय की बात करें तो जिले में 900 मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे हैं, जबकि ढाई सौ होलसेलर दवा की बिक्री करने का कार्य कर रहे हैं। अभी तक विभाग से मेडिकल स्टोर ऑनलाइन नहीं थे। अब इन्हें भी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एफएसडीए के आयुक्त ने मेडिकल स्टोर संचालकों को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद संचालकों की ओर से मनमाने ढंग से दवा की बिक्री रोकना है। संचालकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराने में लाइसेंस से संबंधित जानकारी और वहां पर कार्य करने वाले तकनीकी स्टाफ की जानकारी देनी होगी। ऐसा होेने के बाद डीआई दफ्तर में बैठकर मेडिकल स्टोर संचालकों की सारी जानकारी ले सकेंगे। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी कर सकेंगे।
विज्ञापन
दुकान बंद कर दी है तो जमा करें लाइसेंस
किसी कारणवश जिन मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकान बंद कर दी है, उन्हें अपना लाइसेंस विभाग में जमा करना होगा। एफएसडीए के आयुक्त ने डीओ को पत्र भेजकर इस आदेश को अमल कराने के निर्देश जारी किए हैं। दुकान बंद करने के बाद भी लाइसेंस जमा न करने वाले संचालकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
इस वेबसाइट पर कराएं पंजीकरण
औषधि निरीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि विभाग के आयुक्त के निर्देश पर सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को विभाग की वेबसाइट एफएसडीएडॉटजीओवी.इन पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। 31 अगस्त तक ऑनलाइन कराने का कार्य संचालक पूरा कर लें। इस अवधि के बाद यदि कोई ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराता है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। शासन का मकसद है कि दवा बिक्री में किसी तरह की मनमानी न हो। जनता को ठीक तरीके से दवा उपलब्ध हो।