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एनटीपीसी हादसा
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:49 AM IST
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दुर्घटनाग्रस्त छठवीं यूनिट को फिर से शुरू करने की तैयारी
रायबरेली। आखिरकार उच्चाधिकारियों से दुर्घटनाग्रस्त छठवीं यूनिट का कायाकल्प करने की हरी झंडी मिल गई है। इस यूनिट को नए सिरे से खड़ा करने की जिम्मेदारी छह से ज्यादा कंपनियों को सौंपी गई है।
इन कंपनियों ने दो महीने बाद दुर्घटनाग्रस्त एनटीपीसी की छठवीं यूनिट के मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया है। कोई चूक न होने पाए, इसके लिए अफसर अधिक सतर्कता दिखा रहे हैं।
मरम्मत का कार्य कंपनी के अधिकारियों की मौैजूदगी में कराया जा रहा है। इस बात पर पूरी नजर रखी जा रही है कि कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए, क्योंकि प्रबंधन कोई चूक नहीं चाहता है। मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले बकायदा अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में पूजा पाठ कराया गया।
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एक नवंबर 2017 को ऊंचाहार एनटीपीसी की 500 मेगावाट की छठवीं यूनिट का बॉयलर फटने से एक बड़ा हादसा हो गया था।
हादसे में एनटीपीसी के अधिकारियों, श्रमिकों समेत 45 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि काफी लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद से छठवीं यूनिट बंद चल रही है।
दो माह से अधिक समय से यूनिट बंद होने के बाद अब इसके कायाकल्प की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में छठवीं यूनिट की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। जहां-जहां पर हादसे के दौरान खामी उजागर हुई, उसकी मरम्मत कराई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि मरम्मत कार्य में देखा जा रहा है कि हादसे से कौन-कौन उपकरण खराब हैं। जो उपकरण खराब हैं, उन्हें बदलवाया जा रहा है।
हादसे को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन की खूब किरकिरी हुई थी। इस लिहाज से एनटीपीसी प्रबंधन छठवीं यूनिट के मरम्मत कार्य को लेकर पूरी सावधानी बरत रहा है।
मरम्मत कार्य में लगे श्रमिकों को ठीक ढंग से और बड़ी सावधानी के साथ कार्य करने की बात कही गई है। जिन कंपनियों के कंधों पर मरम्मत का दारोमदार है। उन पर प्रबंधन के अधिकारी पूरी निगरानी रख रहे हैं।
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रायबरेली। आखिरकार उच्चाधिकारियों से दुर्घटनाग्रस्त छठवीं यूनिट का कायाकल्प करने की हरी झंडी मिल गई है। इस यूनिट को नए सिरे से खड़ा करने की जिम्मेदारी छह से ज्यादा कंपनियों को सौंपी गई है।
इन कंपनियों ने दो महीने बाद दुर्घटनाग्रस्त एनटीपीसी की छठवीं यूनिट के मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया है। कोई चूक न होने पाए, इसके लिए अफसर अधिक सतर्कता दिखा रहे हैं।
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मरम्मत का कार्य कंपनी के अधिकारियों की मौैजूदगी में कराया जा रहा है। इस बात पर पूरी नजर रखी जा रही है कि कहीं कोई गड़बड़ी न होने पाए, क्योंकि प्रबंधन कोई चूक नहीं चाहता है। मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले बकायदा अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में पूजा पाठ कराया गया।
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एक नवंबर 2017 को ऊंचाहार एनटीपीसी की 500 मेगावाट की छठवीं यूनिट का बॉयलर फटने से एक बड़ा हादसा हो गया था।
हादसे में एनटीपीसी के अधिकारियों, श्रमिकों समेत 45 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि काफी लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद से छठवीं यूनिट बंद चल रही है।
दो माह से अधिक समय से यूनिट बंद होने के बाद अब इसके कायाकल्प की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में छठवीं यूनिट की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। जहां-जहां पर हादसे के दौरान खामी उजागर हुई, उसकी मरम्मत कराई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि मरम्मत कार्य में देखा जा रहा है कि हादसे से कौन-कौन उपकरण खराब हैं। जो उपकरण खराब हैं, उन्हें बदलवाया जा रहा है।
हादसे को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन की खूब किरकिरी हुई थी। इस लिहाज से एनटीपीसी प्रबंधन छठवीं यूनिट के मरम्मत कार्य को लेकर पूरी सावधानी बरत रहा है।
मरम्मत कार्य में लगे श्रमिकों को ठीक ढंग से और बड़ी सावधानी के साथ कार्य करने की बात कही गई है। जिन कंपनियों के कंधों पर मरम्मत का दारोमदार है। उन पर प्रबंधन के अधिकारी पूरी निगरानी रख रहे हैं।