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एक सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:48 PM IST
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लाल निशान के करीब पहुंची गंगा
रायबरेली। पतित पावनी गंगा चेतावनी बिंदु छूने को बेताब है। चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। रविवार को जलस्तर 97.800 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो हर घंटे जलस्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे कभी भी खतरे की घंटी बज सकती है। बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बोई गई उड़द, मूंगफली आदि की फसल डूब गई है। इससे कटरी क्षेत्र के रहने वाले किसानों में हड़कंप मच गया है। उनका कहना है कि उपजाऊ मिट्टी की कटान होकर पानी में बह रही है। इसका असर फसल उत्पादन पर पडे़गा।
गंगा कटरी क्षेत्र के किसान रामकिशुन, रामकुमार, श्री कृष्ण, रामसहाय, रामहर्ष, शिवकांती, देवी प्रसाद ने बताया कि कटरी क्षेत्र में गंगा नदी का पानी भर जाने के कारण जानवरों के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। खेतों तक जाने के लिए लोगों को जान हथेली पर रखकर गंगा नदी के गहरे पानी से गुजरना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन अब तक किसी प्रकार की कोई नाव की व्यवस्था नहीं की। बाढ़ की सूचना मिलने के बावजूद क्षेत्रीय अधिकारी बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में सड़कों पर जाकर वापस चले जाते हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या सुनने की जरूरत नहीं समझते। वहीं उपजिलाधिकारी डलमऊ प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि चेतावनी बिंदु पार हो जाने पर ही बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है। चेतावनी बिंदु से गंगा का जलस्तर काफी नीचे हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। कर्मचारी बराबर नजर रखे हुए हैं।
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रायबरेली। पतित पावनी गंगा चेतावनी बिंदु छूने को बेताब है। चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। रविवार को जलस्तर 97.800 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो हर घंटे जलस्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हो रही है। इससे कभी भी खतरे की घंटी बज सकती है। बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बोई गई उड़द, मूंगफली आदि की फसल डूब गई है। इससे कटरी क्षेत्र के रहने वाले किसानों में हड़कंप मच गया है। उनका कहना है कि उपजाऊ मिट्टी की कटान होकर पानी में बह रही है। इसका असर फसल उत्पादन पर पडे़गा।
गंगा कटरी क्षेत्र के किसान रामकिशुन, रामकुमार, श्री कृष्ण, रामसहाय, रामहर्ष, शिवकांती, देवी प्रसाद ने बताया कि कटरी क्षेत्र में गंगा नदी का पानी भर जाने के कारण जानवरों के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। खेतों तक जाने के लिए लोगों को जान हथेली पर रखकर गंगा नदी के गहरे पानी से गुजरना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन अब तक किसी प्रकार की कोई नाव की व्यवस्था नहीं की। बाढ़ की सूचना मिलने के बावजूद क्षेत्रीय अधिकारी बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में सड़कों पर जाकर वापस चले जाते हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या सुनने की जरूरत नहीं समझते। वहीं उपजिलाधिकारी डलमऊ प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि चेतावनी बिंदु पार हो जाने पर ही बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है। चेतावनी बिंदु से गंगा का जलस्तर काफी नीचे हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। कर्मचारी बराबर नजर रखे हुए हैं।
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