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तालाबों खोदाई में 1.74 करोड़ का खेल की जांच दबी
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:44 AM IST
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17 तालाबों की खोदाई में 1.74 करोड़ के खेल की जांच दबी
रायबरेली। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत सरेनी ब्लॉक में 17 तालाबों की खोदाई में अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच की संस्तुति की गई है।
हालांकि पूर्व में भी 1.74 करोड़ की लागत से बने तालाबों की टीएसी जांच की संस्तुति की गई थी लेकिन जांच शुरू नहीं हो सकी।
मामले में सीडीओ ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर तालाबों की जांच टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) से कराने की संस्तुति की है। इससे लघु सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया है।
मार्च 2015 को लघु सिंचाई विभाग को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत सरेनी ब्लॉक में पानी की कमी दूर कराने के लिए 17 तालाब खोदवाने का जिम्मा दिया गया था।
इसके लिए संबंधित विभाग को 1.74 करोड़ रुपये भी दिए गए थे। मामले में पूर्व सीडीओ देवेंद्र पांडेय ने तकनीकी टीम भेजकर तालाबों की रैंडम जांच कराई थी।
उन्होंने सोतवाखेड़ा, गजपतिखेड़ा और रसूलपुर के तालाबों की जांच कराई तो सच्चाई उजागर हो गई। तकनीकी जांच में पाया गया था कि लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं ने तालाबों की खोदाई को लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया जिससे तालाबों की गुणवत्ता बेहद खराब है।
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टीम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की संस्तुति कर दी। संस्तुति के बाद भी जांच शुरू न होने पर सीडीओ राकेश कुमार ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर तालाबों के कार्यों की टीएसी जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
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रायबरेली। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत सरेनी ब्लॉक में 17 तालाबों की खोदाई में अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच की संस्तुति की गई है।
हालांकि पूर्व में भी 1.74 करोड़ की लागत से बने तालाबों की टीएसी जांच की संस्तुति की गई थी लेकिन जांच शुरू नहीं हो सकी।
मामले में सीडीओ ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर तालाबों की जांच टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) से कराने की संस्तुति की है। इससे लघु सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया है।
मार्च 2015 को लघु सिंचाई विभाग को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत सरेनी ब्लॉक में पानी की कमी दूर कराने के लिए 17 तालाब खोदवाने का जिम्मा दिया गया था।
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इसके लिए संबंधित विभाग को 1.74 करोड़ रुपये भी दिए गए थे। मामले में पूर्व सीडीओ देवेंद्र पांडेय ने तकनीकी टीम भेजकर तालाबों की रैंडम जांच कराई थी।
उन्होंने सोतवाखेड़ा, गजपतिखेड़ा और रसूलपुर के तालाबों की जांच कराई तो सच्चाई उजागर हो गई। तकनीकी जांच में पाया गया था कि लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं ने तालाबों की खोदाई को लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया जिससे तालाबों की गुणवत्ता बेहद खराब है।
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टीम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की संस्तुति कर दी। संस्तुति के बाद भी जांच शुरू न होने पर सीडीओ राकेश कुमार ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर तालाबों के कार्यों की टीएसी जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति की है।