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उमस भरी गर्मी में संक्रामक रोग का बढ़ा कहर
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:48 AM IST
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बालक समेत पांच लोगों की मौत
रायबरेली। उमस भरी गर्मी से जहां लोग परेशान हैं, वहीं संक्रामक रोग का खतरा भी बढ़ गया है। 24 घंटे के अंदर जिला अस्पताल में भर्ती बुखार और डायरिया पीड़ित बालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हर दिन इस बीमारी से संबंधित रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम रोज तेजी से बदल रहा है। ऐसे में सतर्कता बरती जाए और खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए। खुले आसमान के नीचे न सोएं।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के रूपा का पुरवा की रहने वाली आंचल (54) पत्नी शिवमोहन, महराजगंज निवासी अमन (12) पुत्र राज कुमार, शहर के देवानंदपुर की रहने वाली राजवंता (45) पत्नी अशर्फीलाल और सतांव क्षेत्र के घाटमपुर की रहने वाली कुसुम (25) पत्नी दुखीलाल को कई दिन से बुखार आ रहा था। पहले क्षेत्र के ही चिकित्सक को दिखाया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद सभी को जिला अस्पताल भर्ती कराया। जहां शनिवार रात सभी की मौत हो गई। वही राही ब्लॉक क्षेत्र के मेंहदिया गांव के रहने वाले गंगा प्रसाद (40) डायरिया से पीड़ित था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी भी रात में मौत हो गई।
वायरल फीवर का बढ़ा खतरा : डॉ. दीपेंद्र
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दीपेंद्र सिंह का कहना है कि मौसम में उतार चढ़ाव हो रहा है। रात में मौसम ठंडा रहता है तो दिन में गर्म रहता है। इस वजह से खासकर वायरल फीवर तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है। उनका कहना है कि खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यदि किसी को बुखार या डायरिया है तो वह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर को दिखाएं।
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बेहतर इलाज करने का प्रयास : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि मौसम में उतार चढ़ाव के चलते वायरल फीवर बढ़ा है। यहां पर आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज कराने का प्रयास किया जाता है। यदि कोई बीमार से पीड़ित है तो वह झोलाछाप के बजाय जिला अस्पताल में दिखाए।
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रायबरेली। उमस भरी गर्मी से जहां लोग परेशान हैं, वहीं संक्रामक रोग का खतरा भी बढ़ गया है। 24 घंटे के अंदर जिला अस्पताल में भर्ती बुखार और डायरिया पीड़ित बालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हर दिन इस बीमारी से संबंधित रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम रोज तेजी से बदल रहा है। ऐसे में सतर्कता बरती जाए और खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए। खुले आसमान के नीचे न सोएं।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के रूपा का पुरवा की रहने वाली आंचल (54) पत्नी शिवमोहन, महराजगंज निवासी अमन (12) पुत्र राज कुमार, शहर के देवानंदपुर की रहने वाली राजवंता (45) पत्नी अशर्फीलाल और सतांव क्षेत्र के घाटमपुर की रहने वाली कुसुम (25) पत्नी दुखीलाल को कई दिन से बुखार आ रहा था। पहले क्षेत्र के ही चिकित्सक को दिखाया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद सभी को जिला अस्पताल भर्ती कराया। जहां शनिवार रात सभी की मौत हो गई। वही राही ब्लॉक क्षेत्र के मेंहदिया गांव के रहने वाले गंगा प्रसाद (40) डायरिया से पीड़ित था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी भी रात में मौत हो गई।
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वायरल फीवर का बढ़ा खतरा : डॉ. दीपेंद्र
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दीपेंद्र सिंह का कहना है कि मौसम में उतार चढ़ाव हो रहा है। रात में मौसम ठंडा रहता है तो दिन में गर्म रहता है। इस वजह से खासकर वायरल फीवर तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है। उनका कहना है कि खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यदि किसी को बुखार या डायरिया है तो वह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर को दिखाएं।
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बेहतर इलाज करने का प्रयास : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि मौसम में उतार चढ़ाव के चलते वायरल फीवर बढ़ा है। यहां पर आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज कराने का प्रयास किया जाता है। यदि कोई बीमार से पीड़ित है तो वह झोलाछाप के बजाय जिला अस्पताल में दिखाए।