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Raebareli News: 500 करोड़ की जमीन अब तक नहीं हो सकी खाली

Wed, 08 Feb 2023 08:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Wed, 08 Feb 2023 08:01 PM IST
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500 crore land could not be vacated till now
रायबरेली। शहर से निकली ऐशबाग माइनर की जमीन पर अब तक 94 लोगों के कब्जे मिले हैं। सर्वे में जमीन की कीमत करीब 500 करोड़ आंकी जा रही है। मामले में 19 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। माइनर की जमीन पर मॉल, दुकानें और नर्सिंग होम बनाकर कब्जेदार मोटी रकम कमा रहे हैं लेकिन विभाग के अधिकारी और प्रशासन अब तक इस जमीन पर हुए कब्जे को खाली नहीं करा पाए हैं।
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सिंचाई विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो ऐशबाग माइनर रायबरेली माइनर से निकली है। यह 1917 में अस्तित्व में आई थी। कभी इस माइनर से जिला जेल में खेती होती थी। माइनर की लंबाई करीब 3.300 मीटर और चौड़ाई 18 मीटर है। 30 साल पहले माइनर धरातल से गायब हो गई। कहीं मॉल तो कहीं मकान बन गए। कई जगह नर्सिंग खुले हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अफसर माइनर पर हुए कब्जे को हटाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। 2017 में जांच के बाद कई लोगों को नोटिस दिया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इस बार भी ऐशबाग माइनर में किए गए अवैध अतिक्रमण की जांच शुरू हुई है। सर्वे में 94 लोगों का कब्जा पाया गया। इसमें से 19 लोगों को नोटिस दिया गया लेकिन अब तक कोई भी अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं हो सका है।
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अब तक नहीं तय हो सकी जिम्मेदारी
सिंचाई विभाग में नहरों पर होने वाले अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी सींचपाल और सीच पर्यवेक्षक की होती है। दोनों कर्मचारी नहरों पर होने वाले अतिक्रमण की सूचना उच्चाधिकारियों को देने के साथ ही मुकदमा दर्ज करा सकते हैं, लेकिन ऐशबाग माइनर धरातल से गायब हो गई। इसकी भनक सींचपाल और सीच पर्यवेक्षक को नहीं लगी। सदर तहसील में तैनात अधिकारी भी ऐशबाग माइनर पर कब्जे के लिए कम जिम्मेदार नहीं हैं। जिस समय कब्जा हो रहा था, उस समय यहां तैनात एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल ने ध्यान नहीं दिया। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब तक किसी की भी जिम्मेदारी नहीं तय हो सकी है।
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रायबरेली रजबहे पर हो गया कब्जा
ऐशबाग माइनर ही नहीं शारदा सहायक नहर से निकले रायबरेली रजबहे पर भी कब्जा हो गया। यह रजबहा प्रगतिपुरम, तुलसीनगर, मोटल चौराहा, आईटीआई होते नजरवा ताल में जाकर मिलता था। आधे से ज्यादा रजबहे में कब्जा कर लिया गया है। यदि विभाग इसी तरह आंखें बंद किए रहा तो एक दिन यह नहर भी धरातल से गायब हो जाएगी।



प्रशासन की मदद से हटाया जाएगा अतिक्रमण
ऐशबाग माइनर में हुए कब्जे का सर्वे पूरा हो गया है। इसमें 94 लोगों का कब्जा मिला है। इसमें किसी की बाउंड्रीवाॅल तो किसी की दीवार बनी है। ज्यादातर माइनर की जमीन पर सड़कें बनी हैं। नोटिस भेजने के बाद प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाया जाएगा। जमीन की कीमत 500 करोड़ रुपये के आसपास है।
-हेमंत कुमार वर्मा, एक्सईएन, सिंचाई खंड दक्षिणी
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