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500 नहरों में उड़ रही धूल, पोषक नहर में पानी घटा
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 09 Apr 2016 11:47 PM IST
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रायबरेली में शनिवार को राही ब्लॉक क्षेत्र में सूखी पड़ी माइनर।
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी बढ़ने के साथ ही नहरों में पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है। शारदा सहायक पोषक नहर में भी पानी घट गया है। इसके अलावा जिले में 500 से अधिक छोटी व बड़ी नहरों में धूल उड़ रही है। नहरों में मई के पहले सप्ताह में पानी छोड़ा जाएगा।
नहरों में पानी न आने से गांवों में तालाबों में पानी भरवाने में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि तमाम ऐसे क्षेत्र हैं जहां ट्यूबवेल नहीं हैं। नहर ही सिंचाई व तालाबों को भराने का प्रमुख साधन हैं।
नदियों, तालाबाें के साथ ही जिले के नहरें भी सूख गई है। गर्मी अधिक होने के कारण नहरों में धूल उड़ रही है। जिले की करीब 500 नहरों को पानी उपलब्ध कराने वाली शारदा सहायक पोषण नहर में भी पानी कम हो गया है।
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बताते हैं कि एनटीपीसी को इसी नहर से पानी मिलता है, इसीलिए इस पोषण नहर में कुछ पानी है। पोषक नहर में पानी कम होने के कारण इससे निकली अन्य नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिले की सभी 500 नहरें पूरी तरह से सूख गई हैं।
नहरों में पानी न होने के कारण गांवों में तालाबाें में पानी भरवाने की अहम समस्या है। जगतपुर, राही, अमावां, बछरावां, हरचंदपुर आदि ब्लॉकों में नहरों से ही खेतों की सिंचाई की व्यवस्था है। इन क्षेत्रों में ज्यादा ट्यूबवेलों नहीं लगे हैं। ऐसे में तालाबों को भरवाने में समस्या आ रही है।
डलमऊ में गंगा नदी से निकली गंग नहर भी सूखी है। गंगा में पानी का स्तर गिरने के कारण ऐसा हुआ है। गंग नहर से डलमऊ के अलावा दीनशाह गौरा, जगतपुर ब्लॉकों के क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। इस नहर के सूखे होने के कारण पानी की समस्या बढ़ गई है।
सिंचाई खंड दक्षिणी के एक्सईएन सिद्धार्थ कुमार का कहना है कि गेहूं की मड़ाई का सीजन है। इस समय किसानों को पानी की जरूरत नहीं होती। इसीलिए नहरों में पानी की आपूर्ति ठप की गई है। पोषक नहर में भी पानी कम आ रहा है। मई से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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नहरों में पानी न आने से गांवों में तालाबों में पानी भरवाने में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि तमाम ऐसे क्षेत्र हैं जहां ट्यूबवेल नहीं हैं। नहर ही सिंचाई व तालाबों को भराने का प्रमुख साधन हैं।
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नदियों, तालाबाें के साथ ही जिले के नहरें भी सूख गई है। गर्मी अधिक होने के कारण नहरों में धूल उड़ रही है। जिले की करीब 500 नहरों को पानी उपलब्ध कराने वाली शारदा सहायक पोषण नहर में भी पानी कम हो गया है।
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बताते हैं कि एनटीपीसी को इसी नहर से पानी मिलता है, इसीलिए इस पोषण नहर में कुछ पानी है। पोषक नहर में पानी कम होने के कारण इससे निकली अन्य नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिले की सभी 500 नहरें पूरी तरह से सूख गई हैं।
नहरों में पानी न होने के कारण गांवों में तालाबाें में पानी भरवाने की अहम समस्या है। जगतपुर, राही, अमावां, बछरावां, हरचंदपुर आदि ब्लॉकों में नहरों से ही खेतों की सिंचाई की व्यवस्था है। इन क्षेत्रों में ज्यादा ट्यूबवेलों नहीं लगे हैं। ऐसे में तालाबों को भरवाने में समस्या आ रही है।
डलमऊ में गंगा नदी से निकली गंग नहर भी सूखी है। गंगा में पानी का स्तर गिरने के कारण ऐसा हुआ है। गंग नहर से डलमऊ के अलावा दीनशाह गौरा, जगतपुर ब्लॉकों के क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। इस नहर के सूखे होने के कारण पानी की समस्या बढ़ गई है।
सिंचाई खंड दक्षिणी के एक्सईएन सिद्धार्थ कुमार का कहना है कि गेहूं की मड़ाई का सीजन है। इस समय किसानों को पानी की जरूरत नहीं होती। इसीलिए नहरों में पानी की आपूर्ति ठप की गई है। पोषक नहर में भी पानी कम आ रहा है। मई से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।