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50 गांवों में खंगाले गए प्रसाधन, अधूरे तो कहीं मिली गुणवता खराब
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:05 AM IST
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रायबरेली। शौचालयों के निर्माण में की गई मनमानी की जांच शुरू हो गई है। निर्माण कार्य पूर्ण न होने के बाद भी एमआईएस पर शौचालय पूर्ण दिखाए गए हैं।
सीडीओ ने जिले की सौ ग्राम पंचायतों में दिन में करीब 22 हजार शौचालयों की गुणवत्ता की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की है।
गुरुवार को पहले दिन 50 गांवों में टीमों ने शौचालयों की जांच की। शौचालय कहीं अधूरे तो कहीं बने ही नहीं मिले। टीमों की रिपोर्ट दो दिन बाद सीडीओ को मिलेगी जिसके बाद कार्रवाई होगी।
वाहवाही लूटने के लिए शौचालयों की प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन अच्छी रखने के लिए फर्जी एमआईएस कराई गई थी। गांवों में शौचालयों के निर्माण अधूरा होने के बाद भी रिपोर्ट में पूर्ण दिखाए गए हैं।
शिकायतें संज्ञान में आने पर सीडीओ ने सौ गांवों में प्रसाधनों की जांच के लिए अधिकारियों की अलग-अलग टीमें बनाई है। विकास, शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित सभी विभागों के अधिकारियों को शौचालयों की जांच टीम में शामिल किया गया है।
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गुरुवार को पहले दिन अमावां ब्लॉक के बघई अहलवार, डिडौली, परिगवां, जगतपुर ब्लॉक के टांघन, चिचौली, छतोह ब्लॉक के बरनावां, सतांव ब्लॉक के अटौरा बुजुर्ग, बथुआखास, हरचंदपुर ब्लॉक के सोरा, अंगुरी, लालगंज ब्लॉक के जोगापुर, कुमरौरा, डीह ब्लॉक के मऊ, बतौरा, सलोन ब्लॉक के रामपुर कसिहा, परशुरामपुर ठेकहाई व पारी समेत 50 गांवों में टीमों ने शौचालयों की गुणवत्ता जांची।
कई शौचालयों की गुणवत्ता खराब मिलने के साथ ही अधूरे भी पाए गए। शुक्रवार को भी टीमें शेष 50 गांवों में शौचालयों की गुणवत्ता की जांच करेंगी। जांच शुरू होने से हड़कंप मच गया है।
जिले के सौ गांवों को चुना गया है। इन गांवों में दो दिन में टीमें भेजकर शौचालयों की गुणवत्ता व उनके पूर्ण होने के संबंध में जांच कराई जा रही है। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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सीडीओ ने जिले की सौ ग्राम पंचायतों में दिन में करीब 22 हजार शौचालयों की गुणवत्ता की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की है।
गुरुवार को पहले दिन 50 गांवों में टीमों ने शौचालयों की जांच की। शौचालय कहीं अधूरे तो कहीं बने ही नहीं मिले। टीमों की रिपोर्ट दो दिन बाद सीडीओ को मिलेगी जिसके बाद कार्रवाई होगी।
वाहवाही लूटने के लिए शौचालयों की प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन अच्छी रखने के लिए फर्जी एमआईएस कराई गई थी। गांवों में शौचालयों के निर्माण अधूरा होने के बाद भी रिपोर्ट में पूर्ण दिखाए गए हैं।
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शिकायतें संज्ञान में आने पर सीडीओ ने सौ गांवों में प्रसाधनों की जांच के लिए अधिकारियों की अलग-अलग टीमें बनाई है। विकास, शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित सभी विभागों के अधिकारियों को शौचालयों की जांच टीम में शामिल किया गया है।
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गुरुवार को पहले दिन अमावां ब्लॉक के बघई अहलवार, डिडौली, परिगवां, जगतपुर ब्लॉक के टांघन, चिचौली, छतोह ब्लॉक के बरनावां, सतांव ब्लॉक के अटौरा बुजुर्ग, बथुआखास, हरचंदपुर ब्लॉक के सोरा, अंगुरी, लालगंज ब्लॉक के जोगापुर, कुमरौरा, डीह ब्लॉक के मऊ, बतौरा, सलोन ब्लॉक के रामपुर कसिहा, परशुरामपुर ठेकहाई व पारी समेत 50 गांवों में टीमों ने शौचालयों की गुणवत्ता जांची।
कई शौचालयों की गुणवत्ता खराब मिलने के साथ ही अधूरे भी पाए गए। शुक्रवार को भी टीमें शेष 50 गांवों में शौचालयों की गुणवत्ता की जांच करेंगी। जांच शुरू होने से हड़कंप मच गया है।
जिले के सौ गांवों को चुना गया है। इन गांवों में दो दिन में टीमें भेजकर शौचालयों की गुणवत्ता व उनके पूर्ण होने के संबंध में जांच कराई जा रही है। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी