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एक साल में ही आंगनबाड़ी केंद्र की दीवार में आई दरार
Updated Fri, 12 Jan 2018 11:17 PM IST
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आंगनबाड़ी केंद्र की दीवार में आई दरार
ऊंचाहार (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र के कल्याणी गांव में एक साल पहले बने आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की दीवार में दरारें आ गई।
इससे यह भवन कभी भी ढह सकता है। इलाकाई लोगों ने जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कल्याणी गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास सात लाख 52 हजार रुपये की लागत से आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण एक साल पहले कराया गया था।
भवन निर्माण के समय गुणवत्ता की अनदेखी की गई। यही नहीं आंगनबाड़ी के प्रसाधन के ऊपर पानी की टंकी तक नहीं रखी गई। जल्दबाजी में किसी प्रकार काम को पूरा कर भुगतान हासिल कर लिया गया।
भवन की गुणवत्ता की पोल एक साल के अंदर ही खुल गई। केंद्र के भवन की दीवार में दरारें पड़ र्गईं। धीरे-धीरे दरारें का स्वरूप बढ़ता जा रहा। इस केंद्र के नीचे पढ़ने वाले मासूम बच्चों की जिंदगी का खतरा पैदा हो गया है।
खास बात यह है कि इस बड़े खतरे की ओर अभी तक किसी ने ध्यान ही नहीं दिया है। जबकि अधिकारी लगातार केंद्र का निरीक्षण कर रहे हैं।
क्षेत्र के रामफेर, जगदीश, जगजीवन ने बताया कि फि लहाल तो अभी कोई खतरा नहीं है, लेकिन बरसात के दिनों में इस भवन के अंदर बैठना खतरे से खाली नहीं है।
मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी सत्यजीत सिंह का कहना है कि भवन का निरीक्षण करके मरम्मत कराई जाएगी।
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ऊंचाहार (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र के कल्याणी गांव में एक साल पहले बने आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की दीवार में दरारें आ गई।
इससे यह भवन कभी भी ढह सकता है। इलाकाई लोगों ने जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कल्याणी गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास सात लाख 52 हजार रुपये की लागत से आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण एक साल पहले कराया गया था।
भवन निर्माण के समय गुणवत्ता की अनदेखी की गई। यही नहीं आंगनबाड़ी के प्रसाधन के ऊपर पानी की टंकी तक नहीं रखी गई। जल्दबाजी में किसी प्रकार काम को पूरा कर भुगतान हासिल कर लिया गया।
भवन की गुणवत्ता की पोल एक साल के अंदर ही खुल गई। केंद्र के भवन की दीवार में दरारें पड़ र्गईं। धीरे-धीरे दरारें का स्वरूप बढ़ता जा रहा। इस केंद्र के नीचे पढ़ने वाले मासूम बच्चों की जिंदगी का खतरा पैदा हो गया है।
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खास बात यह है कि इस बड़े खतरे की ओर अभी तक किसी ने ध्यान ही नहीं दिया है। जबकि अधिकारी लगातार केंद्र का निरीक्षण कर रहे हैं।
क्षेत्र के रामफेर, जगदीश, जगजीवन ने बताया कि फि लहाल तो अभी कोई खतरा नहीं है, लेकिन बरसात के दिनों में इस भवन के अंदर बैठना खतरे से खाली नहीं है।
मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी सत्यजीत सिंह का कहना है कि भवन का निरीक्षण करके मरम्मत कराई जाएगी।