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श्रद्धा उत्साह से मनाया गया गुरु हरगोविंद का प्रकाश पर्व
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:48 PM IST
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श्रद्धा से मनाया गुरु हरगोविंद का प्रकाश पर्व
गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में पाठ, कथा और कीर्तन हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में शनिवार को सिखों के छठे गुरू हरगोविंद सिंह साहिब का प्रकाश पर्व श्रद्धा, और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान मुख्य ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह व हजूरी रागी, भाई अमर सिंह ने पाठ, कथा और कीर्तन किया।
कुलविंदर सिंह ने हरिगोविंद साहिब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे गुरु अर्जन देव के पुत्र थे। उन्होंने अपने पिता के उद्देश्य को जीवन में उतारते हुए समाज के हित में कार्य किए। पिता ने शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा दी। गुरू हरगोविंद सिंह महान योद्धा थे। वे चाहते थे कि सिख कौम, शांति, धर्म के रास्ते चलकर अत्याचार और जुल्म का मुकाबला करने के लिए मजबूत बनें। धार्मिक मंत्री सुरेंद्र सिंह मोंगा ने कहा कि सिख समाज को गुरू जी के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। कथा के बाद अरदास और फिर लंगर का आयोजन किया गया। इस मौके पर बसंत सिंह बग्गा, हरविंदर सलूजा, अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में पाठ, कथा और कीर्तन हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में शनिवार को सिखों के छठे गुरू हरगोविंद सिंह साहिब का प्रकाश पर्व श्रद्धा, और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान मुख्य ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह व हजूरी रागी, भाई अमर सिंह ने पाठ, कथा और कीर्तन किया।
कुलविंदर सिंह ने हरिगोविंद साहिब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे गुरु अर्जन देव के पुत्र थे। उन्होंने अपने पिता के उद्देश्य को जीवन में उतारते हुए समाज के हित में कार्य किए। पिता ने शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा दी। गुरू हरगोविंद सिंह महान योद्धा थे। वे चाहते थे कि सिख कौम, शांति, धर्म के रास्ते चलकर अत्याचार और जुल्म का मुकाबला करने के लिए मजबूत बनें। धार्मिक मंत्री सुरेंद्र सिंह मोंगा ने कहा कि सिख समाज को गुरू जी के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। कथा के बाद अरदास और फिर लंगर का आयोजन किया गया। इस मौके पर बसंत सिंह बग्गा, हरविंदर सलूजा, अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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