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रायबरेली: पांच सालों में 10.39 करोड़ से लगे 387 उद्योग, 4137 को रोजगार
Fri, 10 Feb 2023 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 10 Feb 2023 12:22 AM IST
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रायबरेली। जिले में पिछले पांच सालों 10.39 करोड़ रुपये की लागत से 387 छोटे उद्योग स्थापित हुए। इन उद्यमों से करीब 4,137 लोगों को रोजगार मिला। इस साल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से हो रहे निवेश से 100 से अधिक बड़े उद्योगों के स्थापित होने की संभावना है। इससे लोगों को अधिक से अधिक संख्या में रोजगार मिलेगा।
लोगों को अपना उद्योग लगाने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना संचालित हैं। इन योजनाओं के माध्यम से उद्योग लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक कर्ज उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
जिले में पांच सालों में एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के तहत 40 लोगों ने 66 लाख रुपये की लागत से वुडवर्क शुरू किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत 612 लाख रुपये की लागत से 176 और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 415 लाख की लागत से 171 उद्यम लगाए गए। इसमें राइसमिल, इंटरलॉकिंग सीमेंट ईंट, अचार, दोना-पत्तल मशीनें व ह्यूम पाइप के उद्योग लगाए गए। लाइट हाउस, टेंट हाउस और मोबाइल रिपेयरिंग सहित अन्य काम भी शुरू किए गए। पांच सालों में इन छोटे उद्योगों के स्थापित होने से करीब 4137 लोगों को रोजगार मिला।
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना
वर्ष लगे उद्यम लागत (लाखों में) मिला रोजगार
2017-18 39 115.13 425
2018-19 06 17.00 68
2019-20 22 82.285 315
2020-21 41 150.33 588
2021-22 68 247.55 988
कुल 176 612.30 2079
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
वर्ष लगे उद्यम लागत (लाखों में) मिला रोजगार
2018-19 31 79.125 309
2019-20 28 65.02 258
2020-21 44 103.621 414
2021-22 58 167.34 655
कुल 171 415.106 1635
एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना
वर्ष लगे उद्यम लागत (लाखों में) मिला रोजगार
2018-19 04 7.63 30
2019-20 07 13.50 53
2020-21 12 45.118 175
2021-22 17 40.25 165
कुल 40 66.243 423
विभाग की ओर से रोजगार सृजन के लिए तीन योजनाएं संचालित हैं। योजनाओं में 25 लाख रुपये तक उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण दिया जाता है। पांच सालों में 10.39 करोड़ रुपये से 387 छोटे उद्यम स्थापित कराकर 4,137 लोगों को रोजगार दिलाया गया है।
नेहा सिंह, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र
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लोगों को अपना उद्योग लगाने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना संचालित हैं। इन योजनाओं के माध्यम से उद्योग लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक कर्ज उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
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जिले में पांच सालों में एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के तहत 40 लोगों ने 66 लाख रुपये की लागत से वुडवर्क शुरू किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत 612 लाख रुपये की लागत से 176 और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 415 लाख की लागत से 171 उद्यम लगाए गए। इसमें राइसमिल, इंटरलॉकिंग सीमेंट ईंट, अचार, दोना-पत्तल मशीनें व ह्यूम पाइप के उद्योग लगाए गए। लाइट हाउस, टेंट हाउस और मोबाइल रिपेयरिंग सहित अन्य काम भी शुरू किए गए। पांच सालों में इन छोटे उद्योगों के स्थापित होने से करीब 4137 लोगों को रोजगार मिला।
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना
वर्ष लगे उद्यम लागत (लाखों में) मिला रोजगार
2017-18 39 115.13 425
2018-19 06 17.00 68
2019-20 22 82.285 315
2020-21 41 150.33 588
2021-22 68 247.55 988
कुल 176 612.30 2079
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
वर्ष लगे उद्यम लागत (लाखों में) मिला रोजगार
2018-19 31 79.125 309
2019-20 28 65.02 258
2020-21 44 103.621 414
2021-22 58 167.34 655
कुल 171 415.106 1635
एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना
वर्ष लगे उद्यम लागत (लाखों में) मिला रोजगार
2018-19 04 7.63 30
2019-20 07 13.50 53
2020-21 12 45.118 175
2021-22 17 40.25 165
कुल 40 66.243 423
विभाग की ओर से रोजगार सृजन के लिए तीन योजनाएं संचालित हैं। योजनाओं में 25 लाख रुपये तक उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण दिया जाता है। पांच सालों में 10.39 करोड़ रुपये से 387 छोटे उद्यम स्थापित कराकर 4,137 लोगों को रोजगार दिलाया गया है।
नेहा सिंह, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र