{"_id":"5b3fb92f4f1c1b0e278b4f6b","slug":"31530902831-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में दो लाख रोगियों के फेफडे़ की जांच ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में दो लाख रोगियों के फेफडे़ की जांच ठप
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में रोगियों के फेफडे़ की जांच ठप
रायबरेली। जिले में भले ही फेफडे़ के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिला अस्पताल में जांच के लिए लगाया गया स्पायरोमीटर पिछले पांच माह से खराब पड़ा है।
जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण फेफडे़ की पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) बंद हो गई है, लेकिन अधिकारी इसे ठीक कराने के लिए तनिक भी संजीदा नहीं हैं।
जांच न होने के कारण रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल स्थित टेलीमेडिसिन सेंटर से रोगियों को सीधे एसजीपीजीआई लखनऊ से इलाज कराने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
कई सुविधाएं बढ़ने के बाद टेलीमेडिसिन सेंटर में फेफडेे़ की पीएफटी के लिए स्पायरोमीटर लगाया गया। जिला अस्पताल आने वाले फेफडे़ के रोगियों की जांच करके उनका इलाज शुरू किया गया। पिछले जनवरी माह में पीएफटी मशीन ने काम करना बंद कर दिया है।
मशीन खराब होने के बाद जिला अस्पताल में रोजाना इलाज के लिए आ रहे फेफडे़ के रोगियों को जांच कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्हें निजी सेंटरों में जांच करानी पड़ रही है।
हालांकि पीएफटी मशीन ठीक कराने के लिए इंजीनियरों की टीम बुलाई गई है, लेकिन पांच महीने बीतने पर भी मशीन ठीक करने के लिए कोई नहीं आया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि, फेफडे़ की जांच के लिए टेलीमेडिसिन सेंटर में स्पायरोमीटर लगा है।
तकनीकी खामी के कारण स्पायरोमीटर काम नहीं कर रहा है। इसके लिए टीम बुलाई गई है। जल्द ही स्पायरोमीटर को ठीक कराकर फेफड़ों की पीएफटी शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन
रायबरेली। जिले में भले ही फेफडे़ के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिला अस्पताल में जांच के लिए लगाया गया स्पायरोमीटर पिछले पांच माह से खराब पड़ा है।
जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण फेफडे़ की पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) बंद हो गई है, लेकिन अधिकारी इसे ठीक कराने के लिए तनिक भी संजीदा नहीं हैं।
विज्ञापन
जांच न होने के कारण रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल स्थित टेलीमेडिसिन सेंटर से रोगियों को सीधे एसजीपीजीआई लखनऊ से इलाज कराने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
कई सुविधाएं बढ़ने के बाद टेलीमेडिसिन सेंटर में फेफडेे़ की पीएफटी के लिए स्पायरोमीटर लगाया गया। जिला अस्पताल आने वाले फेफडे़ के रोगियों की जांच करके उनका इलाज शुरू किया गया। पिछले जनवरी माह में पीएफटी मशीन ने काम करना बंद कर दिया है।
मशीन खराब होने के बाद जिला अस्पताल में रोजाना इलाज के लिए आ रहे फेफडे़ के रोगियों को जांच कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्हें निजी सेंटरों में जांच करानी पड़ रही है।
हालांकि पीएफटी मशीन ठीक कराने के लिए इंजीनियरों की टीम बुलाई गई है, लेकिन पांच महीने बीतने पर भी मशीन ठीक करने के लिए कोई नहीं आया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि, फेफडे़ की जांच के लिए टेलीमेडिसिन सेंटर में स्पायरोमीटर लगा है।
तकनीकी खामी के कारण स्पायरोमीटर काम नहीं कर रहा है। इसके लिए टीम बुलाई गई है। जल्द ही स्पायरोमीटर को ठीक कराकर फेफड़ों की पीएफटी शुरू कराई जाएगी।