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पुलिस के टार्चर से रोडवेज कर्मी के बेटे ने लाकप में लगाई आग, झुलसा
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पुलिस उत्पीड़न से तंग किशोर ने लॉकअप में लगाई आग, झुलसा
सदर कोतवाली पुलिस ने हिरासत में लेकर लॉकअप में कर दिया था बंद
पीड़ित का आरोप चोरी के मामले में जबरन जुर्म कुबूल करने का दबाव बना रही थी पुलिस
मामला तूल पकड़ा तो छोड़ा, सीओ ने शुरू की प्रकरण की जांच
रायबरेली। सदर कोतवाली पुलिस के उत्पीड़न से आजिज रोडवेज कर्मी के नाबालिग बेटे ने सोमवार रात लॉकअप में खुद को आग लगा ली। उसे लपटों से घिरा देख कोतवाली में हड़कंप मच गया। किसी तरह साथी पुलिस कर्मियों ने आग बुझाई। लपटों की चपेट में आने से किशोर झुलस गया है। उधर, मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने किशोर को छोड़ दिया। पीड़ित का आरोप है कि इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज चोरी के एक मामले में उससे जबरन चोरी करने का जुर्म कुबूल करवाने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर उसे पीटा। हालांकि पुलिस का दावा है कि किशोर संदिग्ध हालात में घूम रहा था। इस पर उसे पकड़कर कोतवाली लाया गया था।
शहर के इंदिरा नगर निवासी किशोर (17) को रविवार की रात इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज ने हिरासत में लेकर लॉकअप में बंद कर दिया। सोमवार को दिनभर वह लॉकअप में बंद रहा। आरोप है कि चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने उसकी जमकर पिटाई की। इसी बीच रात में लॉकअप के पास एक माचिस पड़ी थी। पुलिस की पिटाई से परेशान किशोर ने माचिस से खुद को आग लगा ली। देखते ही देखते किशोर के कपड़े लपटों से घिर गए। यह देख पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। पुलिस कर्मियों ने दौड़कर किसी तरह आग को बुझाया। कहा जा रहा है कि जानकारी होने पर कुछ रोडवेज कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नाराजगी जताई। इसके बाद किशोर को छोड़ दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिस कर्मी उससे जबरन चोरी के एक मामले में जुर्म कुबूल करने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर ही उसे प्रताड़ित किया गया। उधर, चौकी इंचार्ज इंदिरा नगर रामकृपाल का कहना है कि किशोर संदिग्ध हालात में घूम रहा था। उसे पकड़ कर लाया गया था।
इनसेट
पैरों पर गिर रहा था, पर रहम नहीं आया
कहा जा रहा है कि किशोर पुलिस कर्मियों के पैरों पर गिरकर दुहाई दे रहा था कि उसने कोई गुनाह नहीं किया। उसे छोड़ दिया जाए। पर खाकी वाले उससे जबरन जुर्म कुबूल करवाने का प्रयास कर रहे थे। इस घटना ने पुलिस की लापरवाही की कलई खोल दी है।
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नसेट
शहर के इंदिरा नगर का रहने वाला किशोर रात में संदिग्ध हालात में घूम रहा था। इस पर उसे कोतवाली लाया गया था। उसे प्रताड़ित नहीं किया गया। माचिस से उसने आग लगाई थी, जिसे बुझा दिया गया। किशोर का पिता रोडवेज में परिचालक है।
संजय सिंह, कार्यवाहक कोतवाल
लॉकअप के अंदर किशोर के आग लगाए जाने का मामला जानकारी में आया है। किशोर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उससे पूरे प्रकरण की जानकारी ली जाएगी। पुलिस कर्मियों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में यदि कोई दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोपीनाथ सोनी, सीओ सदर
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सदर कोतवाली पुलिस ने हिरासत में लेकर लॉकअप में कर दिया था बंद
पीड़ित का आरोप चोरी के मामले में जबरन जुर्म कुबूल करने का दबाव बना रही थी पुलिस
मामला तूल पकड़ा तो छोड़ा, सीओ ने शुरू की प्रकरण की जांच
रायबरेली। सदर कोतवाली पुलिस के उत्पीड़न से आजिज रोडवेज कर्मी के नाबालिग बेटे ने सोमवार रात लॉकअप में खुद को आग लगा ली। उसे लपटों से घिरा देख कोतवाली में हड़कंप मच गया। किसी तरह साथी पुलिस कर्मियों ने आग बुझाई। लपटों की चपेट में आने से किशोर झुलस गया है। उधर, मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने किशोर को छोड़ दिया। पीड़ित का आरोप है कि इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज चोरी के एक मामले में उससे जबरन चोरी करने का जुर्म कुबूल करवाने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर उसे पीटा। हालांकि पुलिस का दावा है कि किशोर संदिग्ध हालात में घूम रहा था। इस पर उसे पकड़कर कोतवाली लाया गया था।
शहर के इंदिरा नगर निवासी किशोर (17) को रविवार की रात इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज ने हिरासत में लेकर लॉकअप में बंद कर दिया। सोमवार को दिनभर वह लॉकअप में बंद रहा। आरोप है कि चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने उसकी जमकर पिटाई की। इसी बीच रात में लॉकअप के पास एक माचिस पड़ी थी। पुलिस की पिटाई से परेशान किशोर ने माचिस से खुद को आग लगा ली। देखते ही देखते किशोर के कपड़े लपटों से घिर गए। यह देख पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। पुलिस कर्मियों ने दौड़कर किसी तरह आग को बुझाया। कहा जा रहा है कि जानकारी होने पर कुछ रोडवेज कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नाराजगी जताई। इसके बाद किशोर को छोड़ दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिस कर्मी उससे जबरन चोरी के एक मामले में जुर्म कुबूल करने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर ही उसे प्रताड़ित किया गया। उधर, चौकी इंचार्ज इंदिरा नगर रामकृपाल का कहना है कि किशोर संदिग्ध हालात में घूम रहा था। उसे पकड़ कर लाया गया था।
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पैरों पर गिर रहा था, पर रहम नहीं आया
कहा जा रहा है कि किशोर पुलिस कर्मियों के पैरों पर गिरकर दुहाई दे रहा था कि उसने कोई गुनाह नहीं किया। उसे छोड़ दिया जाए। पर खाकी वाले उससे जबरन जुर्म कुबूल करवाने का प्रयास कर रहे थे। इस घटना ने पुलिस की लापरवाही की कलई खोल दी है।
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शहर के इंदिरा नगर का रहने वाला किशोर रात में संदिग्ध हालात में घूम रहा था। इस पर उसे कोतवाली लाया गया था। उसे प्रताड़ित नहीं किया गया। माचिस से उसने आग लगाई थी, जिसे बुझा दिया गया। किशोर का पिता रोडवेज में परिचालक है।
संजय सिंह, कार्यवाहक कोतवाल
लॉकअप के अंदर किशोर के आग लगाए जाने का मामला जानकारी में आया है। किशोर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उससे पूरे प्रकरण की जानकारी ली जाएगी। पुलिस कर्मियों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में यदि कोई दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोपीनाथ सोनी, सीओ सदर