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आरक्षण का लाभ पाने वाले 377 शिक्षक होंगे पदावनत
Updated Thu, 07 Dec 2017 01:18 AM IST
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आरक्षण का लाभ पाने वाले 377 शिक्षक होंगे पदावनत
रायबरेली। आरक्षण का लाभ पाने वाले 377 शिक्षक पदावनत किए जाएंगे। इसके लिए जिला चयन समिति ने बुधवार को शिक्षकों की अनंतिम सूची जारी कर दी। 11 दिसंबर तक आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि उनके कार्यालय के अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में शिक्षकों की अनंतिम सूची चस्पा कर दी गई है। गौरतलब है कि 15 नवंबर 1997 से 28 दिसंबर 2012 के बीच अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ पदोन्नति में दिया गया था। तब ऐसे 407 शिक्षक थे, जिनको पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिला था। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने पदोन्नति में आरक्षण को अनुचित मानते हुए इसे निरस्त करने तथा आरक्षण का लाभ पाने वाले कर्मचारियों को पदावनत करने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में शासन के मुख्य सचिव ने 21 अगस्त 2015 को निर्देश जारी किया था, लेकिन इसमें देरी की जा रही थी। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका दायर हुई। हाईकोर्ट ने 31 मई को आदेश जारी किया कि उच्चतम न्यायालय का आदेश हर हाल में होना है। इसके बाद सचिव जिला बेसिक परिषद ने सभी जिलों काआदेश जारी किया कि प्रमोशन में आरक्षण का लाभ पाने वाले शिक्षकों को पदावनत किया जाए। इसके लिए शासन के मुख्य सचिव की ओर से वर्ष 2015 में जारी प्रक्रिया का पालन किया जाए। अब कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन शुरू की गई है।
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रायबरेली। आरक्षण का लाभ पाने वाले 377 शिक्षक पदावनत किए जाएंगे। इसके लिए जिला चयन समिति ने बुधवार को शिक्षकों की अनंतिम सूची जारी कर दी। 11 दिसंबर तक आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि उनके कार्यालय के अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में शिक्षकों की अनंतिम सूची चस्पा कर दी गई है। गौरतलब है कि 15 नवंबर 1997 से 28 दिसंबर 2012 के बीच अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ पदोन्नति में दिया गया था। तब ऐसे 407 शिक्षक थे, जिनको पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिला था। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने पदोन्नति में आरक्षण को अनुचित मानते हुए इसे निरस्त करने तथा आरक्षण का लाभ पाने वाले कर्मचारियों को पदावनत करने का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में शासन के मुख्य सचिव ने 21 अगस्त 2015 को निर्देश जारी किया था, लेकिन इसमें देरी की जा रही थी। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका दायर हुई। हाईकोर्ट ने 31 मई को आदेश जारी किया कि उच्चतम न्यायालय का आदेश हर हाल में होना है। इसके बाद सचिव जिला बेसिक परिषद ने सभी जिलों काआदेश जारी किया कि प्रमोशन में आरक्षण का लाभ पाने वाले शिक्षकों को पदावनत किया जाए। इसके लिए शासन के मुख्य सचिव की ओर से वर्ष 2015 में जारी प्रक्रिया का पालन किया जाए। अब कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन शुरू की गई है।