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बिजली का बिल कम हो, नहरों की हो सफाई
Updated Wed, 06 Dec 2017 01:02 AM IST
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बिजली का बिल कम हो, नहरों की हो सफाई
रायबरेली। पांच सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को भाकियू ने विकास भवन में धरना दिया। किसानों ने धरने में मांगों को पूरा कराने की मांग की। ऐसा न करने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। भाकियू के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि बिजली के बिल में बढ़ोत्तरी करके किसानों की कमर को तोड़ने का काम किया गया है। बढे़ बिल को कम किया जाए, जिससे किसानों की समस्या कम हो सके।
संरक्षक आशाराम वर्मा ने कहा कि किसानों को पेंशन पात्रता के आधार पर दिया जाए। किसानों को प्रधानमंत्री आवास भी दिए जाएं। आरोप लगाया कि जिले की तमाम नहरें सिल्ट और झाड़ियों से पटी हुईं, लेकिन विभाग की ओर से कागजी खानापूरी करके किसानों को सुविधा देने के नाम पर लापरवाही कर रहा है। नहरों की ठीक ढंग से सफाई कराई जाए, जिससे फसलों की सिंचाई आसानी से हो सके। आवारा पशुओं को भी पकड़ा जाए जिससे फसलें कम नष्ट हों। जिन किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला, उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए। धरने में कामता प्रसाद वर्मा, संतराम, रामबहादुर, रतीपाल, संकठा प्रसाद, रामादेई, विमला देवी, तारावती आदि मौजूद रहे।
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रायबरेली। पांच सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को भाकियू ने विकास भवन में धरना दिया। किसानों ने धरने में मांगों को पूरा कराने की मांग की। ऐसा न करने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। भाकियू के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि बिजली के बिल में बढ़ोत्तरी करके किसानों की कमर को तोड़ने का काम किया गया है। बढे़ बिल को कम किया जाए, जिससे किसानों की समस्या कम हो सके।
संरक्षक आशाराम वर्मा ने कहा कि किसानों को पेंशन पात्रता के आधार पर दिया जाए। किसानों को प्रधानमंत्री आवास भी दिए जाएं। आरोप लगाया कि जिले की तमाम नहरें सिल्ट और झाड़ियों से पटी हुईं, लेकिन विभाग की ओर से कागजी खानापूरी करके किसानों को सुविधा देने के नाम पर लापरवाही कर रहा है। नहरों की ठीक ढंग से सफाई कराई जाए, जिससे फसलों की सिंचाई आसानी से हो सके। आवारा पशुओं को भी पकड़ा जाए जिससे फसलें कम नष्ट हों। जिन किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला, उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए। धरने में कामता प्रसाद वर्मा, संतराम, रामबहादुर, रतीपाल, संकठा प्रसाद, रामादेई, विमला देवी, तारावती आदि मौजूद रहे।
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