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घटनास्थल का नजारा दर्शा रहा भयावह मंजर
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:03 AM IST
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हर तरफ छाई वीरानी, अपनों को खोज रही निगाहें
रायबरेली। ऊंचाहार क्षेत्र में बृहस्पतिवार को हर तरफ वीरानी छाई है। निगाहें अपनों को खोज रही हैं। घटनास्थल का नजारा भयावह मंजर को दर्शा रहा है। जहां पर अक्सर चहल-पहल रहती थी। मजदूरी मिलने से लोगों के चेहरों पर दिखने वाली खुशी गायब सी हो गई है। हादसे को लेकर लोगों में गुस्सा और खौफ दिख रहा है। सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर इतने बडे़ हादसे का जिम्मेदार कौन है। क्या उस पर कार्रवाई होगी। एनपीटीसी के अधिकारियों की ओर से अब तक खुलकर कोई बात नहीं की गई है। प्लांट के अंदर अभी भी अनगिनत श्रमिकों के दबे होने की बात कही जा रही है।
ऊंचाहार एनपीटीसी में 500 मेगावाट की छठवीं यूनिट का संचालन करीब एक पखवारा पहले ही शुरू किया गया था। धीरे-धीरे एनटीपीसी की यूनिटों का विस्तार होता गया। पर बुधवार को हुए हादसे ने यूनिटों के विस्तार और वहां पर व्याप्त लापरवाही की कलई भी खोल दी है। एनटीपीसी के अंदर बने इस प्लांट में आसपास के गांवों के लोगों के साथ बाहरी प्रांत के लोग भी यहां मजदूरी करने आते हैं। अब तक 26 लोगों की मौत और 63 लोगों के घायल होने की पुष्टि की जा रही है। बाकी श्रमिक कहां पर हैं, यह बताने वाला कोई नहीं है। गुरुवार को आसपास के लोग अपनों की खोजखबर लेते रहे। पर उन्हें कोई कुछ बताने वाला नहीं था। घटनास्थल का नजारा खौफनाक मंजर बयां कर रहा था। वहां लगे ऊंचे प्लांट की ऊंचाई ही देखकर कांप जाता है तो फिर हादसे के बाद क्या स्थिति रही होगी यह अपने आप में समझने की जरूरत है। सन्नाटा पसर गया है। पुलिस तैनात है तो बचाव राहत कार्य शुरू है। लोगों में हादसे को लेकर अफसोस और श्रमिकों की मौत और झुलसने पर गम भी साफ चेहरों पर दिख रहा है।
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रायबरेली। ऊंचाहार क्षेत्र में बृहस्पतिवार को हर तरफ वीरानी छाई है। निगाहें अपनों को खोज रही हैं। घटनास्थल का नजारा भयावह मंजर को दर्शा रहा है। जहां पर अक्सर चहल-पहल रहती थी। मजदूरी मिलने से लोगों के चेहरों पर दिखने वाली खुशी गायब सी हो गई है। हादसे को लेकर लोगों में गुस्सा और खौफ दिख रहा है। सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर इतने बडे़ हादसे का जिम्मेदार कौन है। क्या उस पर कार्रवाई होगी। एनपीटीसी के अधिकारियों की ओर से अब तक खुलकर कोई बात नहीं की गई है। प्लांट के अंदर अभी भी अनगिनत श्रमिकों के दबे होने की बात कही जा रही है।
ऊंचाहार एनपीटीसी में 500 मेगावाट की छठवीं यूनिट का संचालन करीब एक पखवारा पहले ही शुरू किया गया था। धीरे-धीरे एनटीपीसी की यूनिटों का विस्तार होता गया। पर बुधवार को हुए हादसे ने यूनिटों के विस्तार और वहां पर व्याप्त लापरवाही की कलई भी खोल दी है। एनटीपीसी के अंदर बने इस प्लांट में आसपास के गांवों के लोगों के साथ बाहरी प्रांत के लोग भी यहां मजदूरी करने आते हैं। अब तक 26 लोगों की मौत और 63 लोगों के घायल होने की पुष्टि की जा रही है। बाकी श्रमिक कहां पर हैं, यह बताने वाला कोई नहीं है। गुरुवार को आसपास के लोग अपनों की खोजखबर लेते रहे। पर उन्हें कोई कुछ बताने वाला नहीं था। घटनास्थल का नजारा खौफनाक मंजर बयां कर रहा था। वहां लगे ऊंचे प्लांट की ऊंचाई ही देखकर कांप जाता है तो फिर हादसे के बाद क्या स्थिति रही होगी यह अपने आप में समझने की जरूरत है। सन्नाटा पसर गया है। पुलिस तैनात है तो बचाव राहत कार्य शुरू है। लोगों में हादसे को लेकर अफसोस और श्रमिकों की मौत और झुलसने पर गम भी साफ चेहरों पर दिख रहा है।
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