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आसमां में दिखा चंाद, तो खिले चेहरे
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:47 PM IST
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चांद को देखूं, करवाचौथ का व्रत मैं तोडू़ं...
रायबरेली। जिले में सुहागिनों ने रविवार को करवा चौथ उल्लास के साथ मनाया। पति के दीर्घायु और निरोगी रहने के लिए भूखी, प्यासी रहकर महिलाओं ने व्रत रखा। रात में आसमां में चांद दिखा तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। बेसब्री से इंतजार कर रही महिलाओं ने रात करीब सवा आठ बजे चांद निकलने के बाद अपने चांद का दीदार कर चांद को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की। बड़ों के साथ पति का आशीर्वाद लेकर व्रत तोड़ा।
रविवार को शहर समेत ग्रामीण इलाकों में करवाचौथ का त्योहार परंपरानुसार धूमधाम से मनाया गया। सुहागिनों ने दिनभर बिना अन्न व जल के व्रत रहकर पतियों की लंबी उम्र व परिवार की सुख समृद्धि के लिए कामना की। देर शाम परिवारीजनों के साथ छतों पर पहुंच गईं आकर्षक ढंग से रंगोली सजाकर चांद के निकलने का इंतजार करने लगी। रात करीब सवा 8 बजे चांद निकलते ही खुशी से चहक उठीं। चांद निकलते ही बच्चे खुशी से झूम उठे। कलश के दीये जलाकर सुहागिनों ने चंद्रमा की आरती की और अर्घ्य देकर पूरे विधिविधान से पूजा-अर्चना की। विवाहितों ने चांद से अपने पति की सलामती और परिवार की सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। पूजन के बाद चांद की रोशनी में उन्होंने अपने पति का दीदार किया। करवा चौथ व्रत को लेकर बच्चों में खास उत्साह रहा। इस दौरान विशेषकर नवविवाहिताओं में व्रत व पूजन को लेकर विशेष उत्साह दिखा। उन्होंने सोलह शृंगार कर पर्व में भागेदारी निभाई। कुछ ने चांद को देखूं, करवाचौथ का व्रत मैं तोडू़ं... आदि गीत गाकर भी अपनी भावनाएं दर्शाईं। इस दौरान पति भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने भी जीवन संगनी को उपहार देकर पानी व मिष्ठान ग्रहण कराकर व्रत का पारण कराया।
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रायबरेली। जिले में सुहागिनों ने रविवार को करवा चौथ उल्लास के साथ मनाया। पति के दीर्घायु और निरोगी रहने के लिए भूखी, प्यासी रहकर महिलाओं ने व्रत रखा। रात में आसमां में चांद दिखा तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। बेसब्री से इंतजार कर रही महिलाओं ने रात करीब सवा आठ बजे चांद निकलने के बाद अपने चांद का दीदार कर चांद को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की। बड़ों के साथ पति का आशीर्वाद लेकर व्रत तोड़ा।
रविवार को शहर समेत ग्रामीण इलाकों में करवाचौथ का त्योहार परंपरानुसार धूमधाम से मनाया गया। सुहागिनों ने दिनभर बिना अन्न व जल के व्रत रहकर पतियों की लंबी उम्र व परिवार की सुख समृद्धि के लिए कामना की। देर शाम परिवारीजनों के साथ छतों पर पहुंच गईं आकर्षक ढंग से रंगोली सजाकर चांद के निकलने का इंतजार करने लगी। रात करीब सवा 8 बजे चांद निकलते ही खुशी से चहक उठीं। चांद निकलते ही बच्चे खुशी से झूम उठे। कलश के दीये जलाकर सुहागिनों ने चंद्रमा की आरती की और अर्घ्य देकर पूरे विधिविधान से पूजा-अर्चना की। विवाहितों ने चांद से अपने पति की सलामती और परिवार की सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। पूजन के बाद चांद की रोशनी में उन्होंने अपने पति का दीदार किया। करवा चौथ व्रत को लेकर बच्चों में खास उत्साह रहा। इस दौरान विशेषकर नवविवाहिताओं में व्रत व पूजन को लेकर विशेष उत्साह दिखा। उन्होंने सोलह शृंगार कर पर्व में भागेदारी निभाई। कुछ ने चांद को देखूं, करवाचौथ का व्रत मैं तोडू़ं... आदि गीत गाकर भी अपनी भावनाएं दर्शाईं। इस दौरान पति भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने भी जीवन संगनी को उपहार देकर पानी व मिष्ठान ग्रहण कराकर व्रत का पारण कराया।
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