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पीपल वृक्ष परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:20 AM IST
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पीपल की परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना
रायबरेली। सोमवती अमावस्या पर महिलाओं ने पीपल वृक्ष की परिक्रमा कर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सुख समृद्धि का वरदान मांगा। इस दौरान गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। तड़के से ही हर-हर गंगे के उद्घोष से गंगा तट गूंज उठा। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
महिलाएं सोमवार सुबह ही घर से सज-संवर कर पीपल वृक्ष की परिक्रमा के लिए निकल पड़ी। इंदिरा नगर, राजकीय कॉलोनी, बालापुर, नेहरू नगर, आचार्य द्विवेदी नगर, सुरजूपुर समेत सभी मोहल्लों में महिलाओं ने सोमवती अमावस्या पर पूजा-अर्चना की। पीपल वृक्ष की 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा की। वहीं दूध, जल, पुष्प, अक्षत, मिठाई आदि चढ़ाया। सभी ने परिवार के सुख-समृद्धि का वरदान मांगा। शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी सोमवती अमावस्या मनाया गया। यह वर्ष में एक बार सोमवार के दिन पड़ता है। इसीलिए महिलाओं में उत्साह रहा। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने वाली महिलाएं अखंड सुहागन होने के साथ ही घर में क्लेश खत्म होकर खुशहाली आती है। सोमवती अमावस्या पर गंगा तटों पर भी श्रद्धालुओं जमावड़ा रहा। सरेनी के गेंगासो घाट, रालपुर घाट, शिवपुरी घाट, डलमऊ के संकट मोचन घाट, सड़क घाट, पक्का घाट, रानी शिवाला घाट, कच्चा घाट, बड़ा मठ घाट, गदागंज के कोइलहा घाट और ऊंचाहार के गोला घाट, गोकना घाट, तीर का पुरवा घाट आदि घाटों पर लोगों ने स्नान किया। सभी लोगों ने गंगा मइया के जयकारे लगाने के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना की।
हर साल सोमवती अमावस्या पर करती पूजा
हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या की पूजा काफी महत्वपूर्ण मानी गई है। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से महिलाओं के पति दीर्घायु होने के साथ ही परिवार के सुख, समृद्धि और वैभव आता है। इंदिरा नगर की अर्चना, दिव्यावती का कहना है कि वह हर वर्ष सोमवती अमावस्या पर पूजा करती है। इसी तरह शिवाजी नगर की शिवानी सिंह, अर्चना सिंह, अनामिका, संजीवनी गुप्ता कहती है कि पति के दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं।
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रायबरेली। सोमवती अमावस्या पर महिलाओं ने पीपल वृक्ष की परिक्रमा कर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सुख समृद्धि का वरदान मांगा। इस दौरान गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। तड़के से ही हर-हर गंगे के उद्घोष से गंगा तट गूंज उठा। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
महिलाएं सोमवार सुबह ही घर से सज-संवर कर पीपल वृक्ष की परिक्रमा के लिए निकल पड़ी। इंदिरा नगर, राजकीय कॉलोनी, बालापुर, नेहरू नगर, आचार्य द्विवेदी नगर, सुरजूपुर समेत सभी मोहल्लों में महिलाओं ने सोमवती अमावस्या पर पूजा-अर्चना की। पीपल वृक्ष की 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा की। वहीं दूध, जल, पुष्प, अक्षत, मिठाई आदि चढ़ाया। सभी ने परिवार के सुख-समृद्धि का वरदान मांगा। शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी सोमवती अमावस्या मनाया गया। यह वर्ष में एक बार सोमवार के दिन पड़ता है। इसीलिए महिलाओं में उत्साह रहा। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने वाली महिलाएं अखंड सुहागन होने के साथ ही घर में क्लेश खत्म होकर खुशहाली आती है। सोमवती अमावस्या पर गंगा तटों पर भी श्रद्धालुओं जमावड़ा रहा। सरेनी के गेंगासो घाट, रालपुर घाट, शिवपुरी घाट, डलमऊ के संकट मोचन घाट, सड़क घाट, पक्का घाट, रानी शिवाला घाट, कच्चा घाट, बड़ा मठ घाट, गदागंज के कोइलहा घाट और ऊंचाहार के गोला घाट, गोकना घाट, तीर का पुरवा घाट आदि घाटों पर लोगों ने स्नान किया। सभी लोगों ने गंगा मइया के जयकारे लगाने के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना की।
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हर साल सोमवती अमावस्या पर करती पूजा
हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या की पूजा काफी महत्वपूर्ण मानी गई है। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से महिलाओं के पति दीर्घायु होने के साथ ही परिवार के सुख, समृद्धि और वैभव आता है। इंदिरा नगर की अर्चना, दिव्यावती का कहना है कि वह हर वर्ष सोमवती अमावस्या पर पूजा करती है। इसी तरह शिवाजी नगर की शिवानी सिंह, अर्चना सिंह, अनामिका, संजीवनी गुप्ता कहती है कि पति के दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं।
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