{"_id":"5967c4754f1c1b722b8b46e6","slug":"201499972725-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडवाइजरी.....","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडवाइजरी.....
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना मान्यता के चल रहे 200 से ज्यादा स्कूल
रायबरेली। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग का खेल निराला है। बिना मान्यता के 200 से ज्यादा परिषदीय स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन यह देखने वाला कोई नहीं है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जुगाड़ से यह सिस्टम अरसे से चल रहा है। खास बात ये है कि शिक्षा विभाग के आंकड़ों में कोई स्कूल बिना मान्यता के संचालित ही नहीं हो रहा है, जबकि हकीकत इसके उलट है।
नया शिक्षा सत्र की शुरुआत हो गई है। परिषदीय स्कूलों में बच्चों के दाखिले किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मौजूदा समय में यहां पर 1390 मान्यता वाले स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। विभाग के पास इसका कोई लेखाजोखा नहीं है कि कितने स्कूल बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। इसकी कभी जांच कराना भी उचित नहीं समझा गया है। हकीकत ये है कि सेटिंग के जुगाड़ से बिना मान्यता के स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। डीह ब्लॉक क्षेत्र में 12 ऐसे स्कूल हैं, जिनकी मान्यता नहीं है। राही ब्लॉक क्षेत्र में खागीपुर सड़वा, कलसहा, मनेहरू, मुंशीगंज में कई स्कूल बिना मान्यता के ही संचालित किए जा रहे हैं। इसी तरह लगभग हर ब्लॉक क्षेत्र में मिलाकर कुल 200 स्कूल बिना मान्यता चलाए जा रहे हैं। यहां पर पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बावजूद इस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात किए गए खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही बिना मान्यता स्कूल संचालित होने की मुख्य वजह बन रही है। सवाल ये उठता है कि जब इन बीईओ को अपने-अपने क्षेत्र पर निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है तो वे बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ रही है। जाहिर है कि दाल में जरूर कुछ काला है और कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
तिलोई तहसील क्षेत्र में बिना मान्यता के स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। बीते दिनों डीएम के निर्देश पर चले जांच अभियान में तिलोई में 38, सिंहपुर में 20 तथा बहादुरपुर ब्लॉक में 18 विद्यालय बिना मान्यता के संचालित मिले थे। अमेठी डीएम ने थानाध्यक्षों को ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आदेश दिए थे, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की जा सकी है। मोहनगंज थानेदार रामराघव सिंह का कहना है कि तहरीर मिलेगी तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी तिलोई केपी शुक्ला ने बताया कि कई बार नोटिस और चेतावनी दे दी गई है। जल्द ही जिलाधिकारी के आदेशानुसार अभियान चलाकर ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले का हाल में ही चार्ज संभाला है। बिना मान्यता के स्कूल संचालित होने की जानकारी नहीं है। यदि कहीं पर यदि स्कूल बिना मान्यता के चलाए जा रहे हैं तो इसकी जांच कराकर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए, रायबरेली
विज्ञापन
रायबरेली। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग का खेल निराला है। बिना मान्यता के 200 से ज्यादा परिषदीय स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन यह देखने वाला कोई नहीं है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जुगाड़ से यह सिस्टम अरसे से चल रहा है। खास बात ये है कि शिक्षा विभाग के आंकड़ों में कोई स्कूल बिना मान्यता के संचालित ही नहीं हो रहा है, जबकि हकीकत इसके उलट है।
नया शिक्षा सत्र की शुरुआत हो गई है। परिषदीय स्कूलों में बच्चों के दाखिले किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मौजूदा समय में यहां पर 1390 मान्यता वाले स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। विभाग के पास इसका कोई लेखाजोखा नहीं है कि कितने स्कूल बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। इसकी कभी जांच कराना भी उचित नहीं समझा गया है। हकीकत ये है कि सेटिंग के जुगाड़ से बिना मान्यता के स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। डीह ब्लॉक क्षेत्र में 12 ऐसे स्कूल हैं, जिनकी मान्यता नहीं है। राही ब्लॉक क्षेत्र में खागीपुर सड़वा, कलसहा, मनेहरू, मुंशीगंज में कई स्कूल बिना मान्यता के ही संचालित किए जा रहे हैं। इसी तरह लगभग हर ब्लॉक क्षेत्र में मिलाकर कुल 200 स्कूल बिना मान्यता चलाए जा रहे हैं। यहां पर पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बावजूद इस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात किए गए खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही बिना मान्यता स्कूल संचालित होने की मुख्य वजह बन रही है। सवाल ये उठता है कि जब इन बीईओ को अपने-अपने क्षेत्र पर निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है तो वे बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ रही है। जाहिर है कि दाल में जरूर कुछ काला है और कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
तिलोई तहसील क्षेत्र में बिना मान्यता के स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। बीते दिनों डीएम के निर्देश पर चले जांच अभियान में तिलोई में 38, सिंहपुर में 20 तथा बहादुरपुर ब्लॉक में 18 विद्यालय बिना मान्यता के संचालित मिले थे। अमेठी डीएम ने थानाध्यक्षों को ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आदेश दिए थे, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की जा सकी है। मोहनगंज थानेदार रामराघव सिंह का कहना है कि तहरीर मिलेगी तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी तिलोई केपी शुक्ला ने बताया कि कई बार नोटिस और चेतावनी दे दी गई है। जल्द ही जिलाधिकारी के आदेशानुसार अभियान चलाकर ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले का हाल में ही चार्ज संभाला है। बिना मान्यता के स्कूल संचालित होने की जानकारी नहीं है। यदि कहीं पर यदि स्कूल बिना मान्यता के चलाए जा रहे हैं तो इसकी जांच कराकर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए, रायबरेली