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मशीनों ने दिया धोखा, बिना राशन के लौटे 52 हजार गरीब
Updated Wed, 06 Dec 2017 01:02 AM IST
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मशीनों ने दिया धोखा, बिना राशन के लौटे 52 हजार पात्र
रायबरेली। शहरी क्षेत्र की कोटे की दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों से राशन वितरण पहले ही दिन दगा दे गया। मशीनों के काम करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए डाले गए ‘मंत्र’ एप ने काम नहीं किया। नेटवर्क की समस्या होने के कारण मशीनों ने पात्रों के अंगूठे को स्वीकार्य ही नहीं किया। ऐसी स्थिति में करीब 52 हजार पात्रों को बिना राशन के घर लौटना पड़ा। उनके साथ-साथ कोटेदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों में पीओएस मशीन से पात्रों की पहचान करने के बाद ही राशन का वितरण किया जा रहा है। लाभार्थी द्वारा मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद उसकी पहचान होती है। मशीनों को और तेज करने के लिए उनमें ‘मंत्र’ नाम के एप को अपलोड करने के बाद मंगलवार को शहरी क्षेत्र की 104 दुकानों पर सुबह राशन वितरण का काम शुरू किया गया। मशीनों ने पात्रों के अंगूठे की पहचान को स्वीकार्य ही नहीं किया। कई मशीनों को डीएसओ कार्यालय भी लाया गया लेकिन मशीनों को चेक करने के लिए इंजीनियर न होने के कारण उन्हें ठीक नहीं किया जा सका। कोटेदारों ने बताया कि मशीन ऑन तो हो जाती है लेकिन अंगूठे की पहचान स्वीकार्य नहीं हो पाने के कारण राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को पहले ही दिन राशन वितरण न हो पाने के कारण करीब 52 हजार गरीबों को बिना राशन के ही घर वापस लौटना पड़ा।
प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों में नया एप ‘मंत्र’ डाला गया है। तकनीकी खामी के कारण मंगलवार को करीब 104 कोटे की दुकानों में राशन वितरण में समस्या आई है। मशीनों में नेटवर्क काम नहीं कर रहा था। एक्सपर्ट को बुलाया गया है। बुधवार से मशीनों को ठीक कराकर शत प्रतिशत वितरण का काम पूरा कराया जाएगा।- केएन सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी
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रायबरेली। शहरी क्षेत्र की कोटे की दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों से राशन वितरण पहले ही दिन दगा दे गया। मशीनों के काम करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए डाले गए ‘मंत्र’ एप ने काम नहीं किया। नेटवर्क की समस्या होने के कारण मशीनों ने पात्रों के अंगूठे को स्वीकार्य ही नहीं किया। ऐसी स्थिति में करीब 52 हजार पात्रों को बिना राशन के घर लौटना पड़ा। उनके साथ-साथ कोटेदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों में पीओएस मशीन से पात्रों की पहचान करने के बाद ही राशन का वितरण किया जा रहा है। लाभार्थी द्वारा मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद उसकी पहचान होती है। मशीनों को और तेज करने के लिए उनमें ‘मंत्र’ नाम के एप को अपलोड करने के बाद मंगलवार को शहरी क्षेत्र की 104 दुकानों पर सुबह राशन वितरण का काम शुरू किया गया। मशीनों ने पात्रों के अंगूठे की पहचान को स्वीकार्य ही नहीं किया। कई मशीनों को डीएसओ कार्यालय भी लाया गया लेकिन मशीनों को चेक करने के लिए इंजीनियर न होने के कारण उन्हें ठीक नहीं किया जा सका। कोटेदारों ने बताया कि मशीन ऑन तो हो जाती है लेकिन अंगूठे की पहचान स्वीकार्य नहीं हो पाने के कारण राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को पहले ही दिन राशन वितरण न हो पाने के कारण करीब 52 हजार गरीबों को बिना राशन के ही घर वापस लौटना पड़ा।
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प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों में नया एप ‘मंत्र’ डाला गया है। तकनीकी खामी के कारण मंगलवार को करीब 104 कोटे की दुकानों में राशन वितरण में समस्या आई है। मशीनों में नेटवर्क काम नहीं कर रहा था। एक्सपर्ट को बुलाया गया है। बुधवार से मशीनों को ठीक कराकर शत प्रतिशत वितरण का काम पूरा कराया जाएगा।- केएन सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी
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