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विद्युत उपकेंद्र खीरों में बवाल, गुस्सा, उपकेंद्र में जड़ा ताला
Updated Sun, 20 Aug 2017 12:15 AM IST
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विद्युत उपकेंद्र खीरों में बवाल, जड़ा ताला
रायबरेली। खीरों ब्लॉक क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं का गुस्सा शनिवार को एक बार फिर फूट पड़ा। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन कर खीराें उपकेंद्र में ताला जड़ दिया। उपकेंद्र होकर सेमरी उपकेंद्र को जाने वाली लाइन को बंद कराने और इसके एसएसओ को चलती लाइन पर चढ़ाने का प्रयास किया। ऐसा न करने पर उसकी पिटाई की। उपभोक्ता एक्सईएन को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। एसडीओ और जेई ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। जानकारी मिलने पर अधिशासी अभियंता पुलिस के साथ उपकेंद्र पर पहुंचे। किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया। कर्मी ने तीन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिजली की रोस्टिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी है। इसी को लेकर नाराजग उपभोक्ताओं ने खीरों उपकेंद्र का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं ने बताया कि कई महीनों से क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या है। इससे किसानों की धान की फ सल सूख रही है। सरकार एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है। दूसरी तरफ पॉवर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही के चलते 8 घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। जो आपूर्ति मिलती भी है, उसमें इतना लो-वोल्टेज रहता है कि मोटरें तक नहीं चल पा रही हैं। कई बार किसानों की ट्यूबवेल की मोटरें जल चुकी हैं।
अधिशासी अभियंता को बुलाने की मांग पर अड़े उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र में ताला बंद कर आपूर्ति बंद करा दी। खीरों उपकेंद्र से होकर सेमरी उपकेंद्र को जाने वाली लाइन को बंद कराने के लिए एसएसओ रईश को पोल पर चढ़ने का दबाव बनाया। मना करने पर उसकी पिटाई कर दी। मौके पर पहुंचे अवर अभियंता खीरों रामनाथ व सहायक अभियंता रोहित सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वो अधिशासी अभियंता के आने और वार्ता कर उचित समाधान करने की मांग पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने फोन कर अधिशासी अभियंता लालगंज पीके सिंह को बुलाया। अधिशाषी अभियंता के पहुंचने पर आक्रोशित उपभोक्ताओं ने लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती से निजात दिलाने की मांग का एक मांग पत्र सौंपा। सभी ने सभी फ ीडरों को रात्रि में एक साथ व दिन मे दो ग्रुपों में चलाने की भी मांग की। एसएसओ ने भीतर गांव निवासी डब्बू, रमाशंकर और सुधीर शुक्ला निवासी हथिगांवा और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। एसओ संजय सिंह का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है।
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मारपीट करना उचित नहीं
अधिशासी अभियंता पीके सिंह ने बताया कि लोकल स्तर पर कोई बिजली कटौती नहीं की जाती है। जो भी रोस्टिंग होती है वह ऊपर से ही की जाती है। इसमें कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है। ऐसे में उनसे मारपीट करना उचित नहीं है। खीरों को जाने वाले लाइन की लंबाई काफी दूर है। मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिलने की वजह से लो-वोल्टेज की समस्या है। खीरों को मौरावां ट्रांसमिशन से जोड़ने के लिए इस्टीमेंट बनाकर भेजा गया है, जो पास हो गया है। जल्द ही लाइन का निर्माण शुरू कराया जाएगा। उन्होंने मामले में कार्रवाई की बात कही है।
व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा आंदोलन
रायबरेली। जिले में बिगड़ी बिजली व्यवस्था से हर कोई परेशान है। शनिवार को किसान विकास एसोसिएशन ने बिजली कटौती पर नाराजगी जताई। कहा कि भरपूर बिजली नहीं मिलने से किसान परेशान है। यदि बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। संगठन के अध्यक्ष करुणा शंकर तिवारी ने बताया कि अटौरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है, जो मिल भी रही है उसमें लो-वोल्टेज रहता है। इसके विरोध में 22 अगस्त को पॉवर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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रायबरेली। खीरों ब्लॉक क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं का गुस्सा शनिवार को एक बार फिर फूट पड़ा। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन कर खीराें उपकेंद्र में ताला जड़ दिया। उपकेंद्र होकर सेमरी उपकेंद्र को जाने वाली लाइन को बंद कराने और इसके एसएसओ को चलती लाइन पर चढ़ाने का प्रयास किया। ऐसा न करने पर उसकी पिटाई की। उपभोक्ता एक्सईएन को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। एसडीओ और जेई ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। जानकारी मिलने पर अधिशासी अभियंता पुलिस के साथ उपकेंद्र पर पहुंचे। किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया। कर्मी ने तीन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बिजली की रोस्टिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी है। इसी को लेकर नाराजग उपभोक्ताओं ने खीरों उपकेंद्र का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं ने बताया कि कई महीनों से क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या है। इससे किसानों की धान की फ सल सूख रही है। सरकार एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है। दूसरी तरफ पॉवर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही के चलते 8 घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। जो आपूर्ति मिलती भी है, उसमें इतना लो-वोल्टेज रहता है कि मोटरें तक नहीं चल पा रही हैं। कई बार किसानों की ट्यूबवेल की मोटरें जल चुकी हैं।
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अधिशासी अभियंता को बुलाने की मांग पर अड़े उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र में ताला बंद कर आपूर्ति बंद करा दी। खीरों उपकेंद्र से होकर सेमरी उपकेंद्र को जाने वाली लाइन को बंद कराने के लिए एसएसओ रईश को पोल पर चढ़ने का दबाव बनाया। मना करने पर उसकी पिटाई कर दी। मौके पर पहुंचे अवर अभियंता खीरों रामनाथ व सहायक अभियंता रोहित सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वो अधिशासी अभियंता के आने और वार्ता कर उचित समाधान करने की मांग पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने फोन कर अधिशासी अभियंता लालगंज पीके सिंह को बुलाया। अधिशाषी अभियंता के पहुंचने पर आक्रोशित उपभोक्ताओं ने लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती से निजात दिलाने की मांग का एक मांग पत्र सौंपा। सभी ने सभी फ ीडरों को रात्रि में एक साथ व दिन मे दो ग्रुपों में चलाने की भी मांग की। एसएसओ ने भीतर गांव निवासी डब्बू, रमाशंकर और सुधीर शुक्ला निवासी हथिगांवा और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। एसओ संजय सिंह का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है।
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मारपीट करना उचित नहीं
अधिशासी अभियंता पीके सिंह ने बताया कि लोकल स्तर पर कोई बिजली कटौती नहीं की जाती है। जो भी रोस्टिंग होती है वह ऊपर से ही की जाती है। इसमें कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है। ऐसे में उनसे मारपीट करना उचित नहीं है। खीरों को जाने वाले लाइन की लंबाई काफी दूर है। मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिलने की वजह से लो-वोल्टेज की समस्या है। खीरों को मौरावां ट्रांसमिशन से जोड़ने के लिए इस्टीमेंट बनाकर भेजा गया है, जो पास हो गया है। जल्द ही लाइन का निर्माण शुरू कराया जाएगा। उन्होंने मामले में कार्रवाई की बात कही है।
व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा आंदोलन
रायबरेली। जिले में बिगड़ी बिजली व्यवस्था से हर कोई परेशान है। शनिवार को किसान विकास एसोसिएशन ने बिजली कटौती पर नाराजगी जताई। कहा कि भरपूर बिजली नहीं मिलने से किसान परेशान है। यदि बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। संगठन के अध्यक्ष करुणा शंकर तिवारी ने बताया कि अटौरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है, जो मिल भी रही है उसमें लो-वोल्टेज रहता है। इसके विरोध में 22 अगस्त को पॉवर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा जाएगा।