फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   375.28 करोड़ की लागत से बनने वाला 400

375.28 करोड़ की लागत से बनने वाला 400

Sun, 25 Jun 2017 04:03 AM IST
Updated Sun, 25 Jun 2017 04:03 AM IST
विज्ञापन
375.28 करोड़ की लागत से बनने वाला 400
तीन साल में तैयार होगा 400 केवीए का ट्रांसमिशन
विज्ञापन

- 375.28 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
- कसेहटी ग्रामसभा में खरीदी जाएगी 20 एकड़ भूमि
- 220 केवीए बछरावां और अमेठी को जोड़ा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। जिले को मिली 400 केवीए ट्रांसमिशन की उपलब्धि को धरातल में उतरने में तीन साल का समय लगेगा। पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में सबसे बड़ी समस्या जमीन की थी, जिसे खोज लिया गया है। जमीन खरीदने के लिए किसान और उच्चाधिकारियों के बीच वार्ता चल रही है। जमीन का मसला तय होते ही ट्रांसमिशन का काम शुरू करा दिया जाएगा। यह ट्रांसमिशन 375.28 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा।
जिले में दो साल के अंदर करीब 80 हजार बिजली उपभोक्ताओं का इजाफा हुआ है। उपभोक्ता बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ गई। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से मौजूदा समय में उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और रोस्टिंग की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस ट्रांसमिशन के बन जाने से इस समस्या से निजात मिल जाएगी। अभी तक जिले में इकलौता 220 केवीए का ट्रांसमिशन बना है। इस ट्रांसमिशन को जिले के डलमऊ, अमावां, त्रिपुला, रग्घुपुर, मल्केगांव को जोड़ा गया है। नए 400 केवीए के ट्रांसमिशन से निर्माणाधीन ट्रांसमिशन बछरावां और अमेठी को जोड़ा जाएगा। इससे जिले के अलावा अमेठी जिले के उपभोक्ताओं को लाभ मिलने लगेगा। कुल मिलाकर इस 400 केवीए की ट्रांसमिशन से बिजली की व्यवस्था काफी बेहतर हो जाएगी। पावर कॉर्पोरेशन ट्रांसमिशन के अधिकारियों का दावा है कि ट्रांसमिशन के निर्माण की सुगबुगाहट काफी दिनों चल रही थी। इसके पहले लालगंज तहसील क्षेत्र में जमीन खोजी गई, लेकिन पर्याप्त मात्रा में भूमि नहीं मिलने की वजह से मामला टाल दिया गया। मौजूदा डीएम अभय सिंह की सक्रियता के चलते जमीन मिल गई है। बताया जाता है कि 20 एकड़ जमीन शहर के रहने वाले किसी दिनेश कुमार की है। दिनेश की भूमि अमावां ब्लॉक क्षेत्र के कसेहटी ग्राम सभा में है। उच्चाधिकारियों और भूमि मालिक के बीच जमीन खरीदने को लेकर बातचीत चल रही है। अधिकारियों का दावा है कि जमीन का बैनामा पावर कॉर्पोरेशन के नाम कराया जाएगा। बैनामा होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन

इनसेट
140 मिलियन यूनिट पहुंची बिजली की मांग
जिले के में उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा होने से बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। दो साल पहले जिले को 110 मिलियन यूनिट बिजली की जरूरत थी, लेकिन आज यह बढ़कर 130-140 के बीच पहुंच गई है। बिजली की मांग ज्यादा होने से न सिर्फ जिले के उपकेंद्र ओवरलोड हैं। इस पर 400 केवीए ट्रांसमिशन के बन जाने से यह समस्या भी दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन :
जिले में 400 केवीए का ट्रांसमिशन जिले के लिए वरदान साबित होगा। बिजली की मांग को देखते हुए इसका निर्माण होना बहुत जरूरी है। इसके बन जाने से जिले के उपभोक्ताओं को रोस्टिंग, लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी। साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी काफी राहत मिलेगी।-पंकज कुमार, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed