फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   चयनित गांवों में पौधरोपण के लिए नहीं मिल रही भूमि

चयनित गांवों में पौधरोपण के लिए नहीं मिल रही भूमि

Sun, 03 Mar 2019 12:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
चयनित गांवों में पौधरोपण के लिए नहीं मिल रही भूमि
रायबरेली। नमामि गंगे योजना के तहत पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है, क्योंकि पौधरोपण के लिए अब तक पर्याप्त भूमि नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन



इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विभागीय अधिकारी किसानों को जागरूक करके दिए गए लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हैं।
विज्ञापन



स्वच्छ भारत मिशन के नमामि गंगे योजना के तहत जिले के 29 ग्राम सभाओं व उनके मजरों में पौधरोपण किया जाना है। इसके लिए 300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधरोपण करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन इन गांवों में अब तक 185 हेक्टेयर ही जमीन पौधरोपण के लिए मिल पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन



प्रति हेक्टेयर 625-625 पौधे रोपित किए जाने हैं। लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों गांवों में जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।


इसके बावजूद क्षेत्रफल का दायरा नहीं बढ़ पा रहा है। अब तक जितनी जमीन मिली है, वहां पौधरोपण के लिए प्लांटेशन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी लक्ष्य के सापेक्ष पौधे लगाने के लिए पूरी तरह प्रयास कर रहे हैं। जुलाई महीने में यहां पर पौधरोपण किया जाएगा।



इच्छुक लोग करा सकते पौधरोपण
लक्ष्य के सापेक्ष पौधरोपण के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। नमामि गंगे के लिए चिह्नित गांवों के किसान पौधरोपण कराना चाहते हैं तो वह संबंधित सर्किल दफ्तर में नाम दर्ज करा सकते हैं। अभी पौधरोपण करने में काफी समय है, तब तक जमीन का दायरा बढ़ा लया जाएगा
-तुलसीदास शर्मा, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed