{"_id":"5bc8cea4bdec2269685afd0e","slug":"181539886756-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिग्नल दुरुस्त करने में छूट रहा पसीना, आ रही दिक्कतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिग्नल दुरुस्त करने में छूट रहा पसीना, आ रही दिक्कतें
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरचंदपुर (रायबरेली)। लखनऊ-रायबरेली रेल खंड पर ट्रेनों के निरस्तीकरण और डायवर्जन को समाप्त करके भले ही यातायात को सामान्य करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ट्रैक मेंटीनेंस और सिग्नल में आ रही दिक्कतों से अफसरों को पसीना छूट रहा है।
कभी ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाता है तो कभी सिग्नल फेल्योर हो जाता है। इसीलिए गुरुवार को अपर मंडल रेल प्रबंधक अमित श्रीवास्तव ने सिग्नल से जुड़े वरिष्ठ अभियंताओं की टीम के साथ निरीक्षण किया।
एडीआरएम ने हरचंदपुर स्टेशन पर दो चक्कर लगाए। पहले वह सुबह 11.15 बजे यहां पहुंचे और करीब एक घंटे मुआयना किया।
दूसरी बार दोपहर 1 बजे फिर आए और 3.30 बजे तक स्टेशन पर रुककर जायजा लिया। उन्होंने रिले रूम देखा। पैनल और प्वाइंट के उन हिस्सों को देखा, जिनमें फाल्ट आने की संभावना ज्यादा रहती है।
विज्ञापन
सारे प्वाइंट सही तरीके से लॉक हो रहे हैं या नहीं, इसे बारीकी से परखा। नए बिछाए गए ट्रैक का जायजा लिया। न्यू फरक्का हादसे के बाद सब कुछ ठीक कर लिया गया, फिर भी एक हफ्ते बाद ही नौचंदी को आउटर पर दो सिग्नल मिलने की घटना ने फिर अफसरों को परेशान कर दिया। यही वजह है कि स्थानीय स्तर के सभी अधिकारी और कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन
कभी ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाता है तो कभी सिग्नल फेल्योर हो जाता है। इसीलिए गुरुवार को अपर मंडल रेल प्रबंधक अमित श्रीवास्तव ने सिग्नल से जुड़े वरिष्ठ अभियंताओं की टीम के साथ निरीक्षण किया।
विज्ञापन
एडीआरएम ने हरचंदपुर स्टेशन पर दो चक्कर लगाए। पहले वह सुबह 11.15 बजे यहां पहुंचे और करीब एक घंटे मुआयना किया।
दूसरी बार दोपहर 1 बजे फिर आए और 3.30 बजे तक स्टेशन पर रुककर जायजा लिया। उन्होंने रिले रूम देखा। पैनल और प्वाइंट के उन हिस्सों को देखा, जिनमें फाल्ट आने की संभावना ज्यादा रहती है।
विज्ञापन
सारे प्वाइंट सही तरीके से लॉक हो रहे हैं या नहीं, इसे बारीकी से परखा। नए बिछाए गए ट्रैक का जायजा लिया। न्यू फरक्का हादसे के बाद सब कुछ ठीक कर लिया गया, फिर भी एक हफ्ते बाद ही नौचंदी को आउटर पर दो सिग्नल मिलने की घटना ने फिर अफसरों को परेशान कर दिया। यही वजह है कि स्थानीय स्तर के सभी अधिकारी और कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं। कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।