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पतियों को इंदिरा आवास और पत्नियों को बांट दिया प्रधानमंत्री आवास
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:49 AM IST
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पतियों को इंदिरा आवास और पत्नियों को बांट दिया प्रधानमंत्री आवास
रायबरेली। इंदिरा आवास पा चुके लाभार्थियों व उसके सगे संबंधियों को किसी भी दशा में प्रधानमंत्री अवास न देने के आदेश हैं, लेकिन सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के गहरौली ग्राम पंचायतों में शासन के आदेश को ताक पर रख दिया गया है। पहले पतियों को इंदिरा आवास दिए गए थे, अब पत्नियों को प्रधानमंत्री आवास दे दिए गए हैं। दो मंजिला भवन वाले लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास दिए गए हैं। पीडी (परियोजना निदेशक) इंद्रसेन सिंह की जांच में 15 अपात्र पकड़ में आने के बाद प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। संबंधित अपात्रों से दी गई पहली किस्त की वसूली करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
सरेनी ब्लॉक के गहरौली गांव के लोगों ने डीएम को शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाया कि अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दिए गए हैं। डीएम के आदेश पर पीडी इंद्रसेन सिंह ने गांव पहुंचकर आवासों की जांच की तो 15 लोग अपात्र पाए गए। इन लोगों को पहली किस्त भी दी जा चुकी है। कुछ लोगों को तो दूसरी किस्त भी दे दी गई है। मामला पकड़ में आने के बाद धनराशि की वसूली के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
इन अपात्रों को दिए गए प्रधानमंत्री आवास
मइका पत्नी रामलाल, रामदुलारी पत्नी श्रीकृष्ण, रानी देवी पत्नी विनोद कुमार, विद्यावती पत्नी विजय बहादुर, गंगा प्रसाद पुत्र रामआसरे, कुसुम पत्नी कमलेश कुमार, उर्मिला पत्नी सुरेश कुमार, लक्ष्मण पुत्र रामरतन, मुन्नी देवी पत्री प्रेमशंकर, रामजानकी पत्नी श्याम सुंदर, रैलादेवी पत्नी बाबूलाल, नीलम देवी पत्नी किशोरी लाल, सीमा पत्नी गुंजर को इंदिरा आवास देने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास दिया गया है। जय कुमार को पहली किस्त दी गई लेकिन ग्राम रोजगार सेवक ने यह कहकर रुपये ले लिए हैं कि प्रधान सामग्री की आपूर्ति कराएंगे। अब तक आवास अधूरा है।
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डीएम से की गई शिकायत की जांच पीडी ने की है। गहरौली गांव में 15 अपात्र मिले हैं जिन्हें आवास के लिए पहली किस्त दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।- सीके वर्मा, डीपीआरओ
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रायबरेली। इंदिरा आवास पा चुके लाभार्थियों व उसके सगे संबंधियों को किसी भी दशा में प्रधानमंत्री अवास न देने के आदेश हैं, लेकिन सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के गहरौली ग्राम पंचायतों में शासन के आदेश को ताक पर रख दिया गया है। पहले पतियों को इंदिरा आवास दिए गए थे, अब पत्नियों को प्रधानमंत्री आवास दे दिए गए हैं। दो मंजिला भवन वाले लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास दिए गए हैं। पीडी (परियोजना निदेशक) इंद्रसेन सिंह की जांच में 15 अपात्र पकड़ में आने के बाद प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। संबंधित अपात्रों से दी गई पहली किस्त की वसूली करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
सरेनी ब्लॉक के गहरौली गांव के लोगों ने डीएम को शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाया कि अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दिए गए हैं। डीएम के आदेश पर पीडी इंद्रसेन सिंह ने गांव पहुंचकर आवासों की जांच की तो 15 लोग अपात्र पाए गए। इन लोगों को पहली किस्त भी दी जा चुकी है। कुछ लोगों को तो दूसरी किस्त भी दे दी गई है। मामला पकड़ में आने के बाद धनराशि की वसूली के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
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इन अपात्रों को दिए गए प्रधानमंत्री आवास
मइका पत्नी रामलाल, रामदुलारी पत्नी श्रीकृष्ण, रानी देवी पत्नी विनोद कुमार, विद्यावती पत्नी विजय बहादुर, गंगा प्रसाद पुत्र रामआसरे, कुसुम पत्नी कमलेश कुमार, उर्मिला पत्नी सुरेश कुमार, लक्ष्मण पुत्र रामरतन, मुन्नी देवी पत्री प्रेमशंकर, रामजानकी पत्नी श्याम सुंदर, रैलादेवी पत्नी बाबूलाल, नीलम देवी पत्नी किशोरी लाल, सीमा पत्नी गुंजर को इंदिरा आवास देने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास दिया गया है। जय कुमार को पहली किस्त दी गई लेकिन ग्राम रोजगार सेवक ने यह कहकर रुपये ले लिए हैं कि प्रधान सामग्री की आपूर्ति कराएंगे। अब तक आवास अधूरा है।
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डीएम से की गई शिकायत की जांच पीडी ने की है। गहरौली गांव में 15 अपात्र मिले हैं जिन्हें आवास के लिए पहली किस्त दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।- सीके वर्मा, डीपीआरओ